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23 जुलाई, 2020|9:41|IST

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आर्ट्स : परंपरागत के साथ प्रोफेशनल कोर्स के भी कई विकल्प

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12वीं के बाद कला संकाय में स्नातक स्तर की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए अब पहले के मुकाबले अधिक विकल्प हैं। आर्ट्स विषय अब सिर्फ परंपरागत कोर्स तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें वोकेशनल और प्रोफेशनल कोर्स के भी कई विकल्प हैं। शिक्षण, प्रशासनिक सेवा बैंकिंग, रेलवे आदि के क्षेत्र में जाने के इच्छुक विद्यार्थी आर्ट्स के रेग्युलर कोर्स को प्राथमिकता दें। वहीं, लीक से हटकर गैर परंपरागत पाठ्यक्रमों की बात करें, तो अब आर्ट्स में भी कई पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स हैं, जो रोजगारपरक हैं और मौजूदा समय में इनकी खासी मांग है।

रेग्युलर कोर्स में सब्जेक्ट कॉन्बिनेशन महत्वपूर्ण

आर्ट्स विषय के रेग्युलर कोर्स का आकर्षण और महत्व बरकरार है। करियर गुरुओं का इस बारे में कहना है कि ऑनर्स विषय चुनते समय इसके साथ सब्जेक्ट कॉन्बिनेशन का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि आगे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आसानी हो। प्रशासनिक सेवा के क्षेत्र में जाने के इच्छुक विद्यार्थी इतिहास, राजनीति विज्ञान, एंथ्रोपोलॉजी, सोशियोलॉजी में ऑनर्स ले सकते हैं। इनके साथ स्कोरिंग सब्जेक्ट का कॉन्बिनेशन रखना चाहिए। बैंकिंग के क्षेत्र में जाने के इच्छुक विद्यार्थी इकोनॉमिक्स ऑनर्स में तो उनके लिए परीक्षा की तैयारी में यह उपयोगी होगा। शिक्षण के क्षेत्र में जाने के इच्छुक विद्यार्थी किसी भी विषय में ऑनर्स ले सकते हैं। रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी कॉलेजों में आर्ट्स के रेग्युलर कोर्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में भी आर्ट्स के सभी कोर विषयों में ऑनर्स उपलब्ध है।

वोकेशनल कोर्स के कई विकल्प

आठ संकाय के विद्यार्थियों के लिए कई वोकेशनल कोर्स भी हैं जो करियर के लिए उपयोगी हैं। आर्ट्स संकाय से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी वोकेशनल कोर्स में फैशन डिजाइनिंग, फैशन टेक्नोलॉजी, मास कम्युनिकेशन, बैचलर इन योगा, एनीमेशन एंड इंटीरियर डिजाइनिंग, में स्नातक स्तर की पढ़ाई कर सकते हैं। फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत वीमेंस कॉलेज, निर्मला कॉलेज और मारवाड़ी कॉलेज में होती है। सेंट जेवियर्स कॉलेज में फैशन टेक्नोलॉजी का कोर्स उपलब्ध है। स्नातक स्तर पर मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई सेंट जेवियर्स कॉलेज, गोस्सनर कॉलेज में होती है। रांची विश्वविद्यालय के योग विभाग से बैचलर इन योगिक साइंस किया जा सकता है। सेंट जेवियर्स कॉलेज में इंटीरियर डिजाइनिंग एंड एनिमेशन का कोर्स उपलब्ध है जो आर्ट्स संकाय के विद्यार्थी कर सकते हैं।

प्रोफेशनल कोर्स के भी अवसर

परंपरागत और वोकेशनल कोर्स से अलग प्रोफेशनल कोर्स करने के इच्छुक आर्ट्स संकाय के विद्यार्थियों के लिए भी कई विकल्प हैं। रांची विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ लीगल स्टडीज से 12वीं उत्तीर्ण आर्ट्स संकाय के विद्यार्थी 5 वर्षीय बीबीएलएलबी कर सकते हैं। इसमें नामांकन के लिए इस वर्ष के क्लैट स्कोर को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं जिन विद्यार्थियों का क्लैट स्कोर नहीं होगा, उनके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज की प्रवेश परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा रांची विश्वविद्यालय के कम्युनिटी रेडियो स्टेशन के अंतर्गत इस बार 4 सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जा रहे हैं यह 6 महीने के हैं जो रेगुलर कोर्स के साथ ऐडऑन कोर्स के रूप में किए जा सकते हैं। यह कोर्स है रेडियो जॉकी प्रोमो प्रोड्यूसर कॉपी राइटर और रेडियो प्रोडक्शन मैनेजमेंट। होटल मैनेजमेंट भी आर्ट्स संकाय के विद्यार्थियों के लिए प्रोफेशनल कोर्स का अच्छा विकल्प है। इसे बीआईटी मेसरा, आईएसएम पुनदाग से किया जा सकता है।

विदेशी भाषा की पढ़ाई का भी अवसर

केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड से के फार ईस्ट लैंग्वेज विभाग के तहत कोरियन व चीनी भाषा में स्नातक स्तर की पढ़ाई होती है। इसमें 12वीं के बाद विद्यार्थी नामांकन ले सकते हैं। चयन केंद्रीय विश्वविद्यालय के संयुक्त परिषद प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा। ऑटोमोबाइल कंपनियों मल्टीनेशनल कंपनियों में इन भाषाओं की जानकारी रखने वाले युवा प्रोफेशनल की खासी मांग है।

विशेषज्ञ की सलाह

आर्ट्स विषय से स्नातक की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्र ऑनर्स विषय के साथ सब्जेक्ट कॉन्बिनेशन पर विशेष ध्यान दें। सही कॉन्बिनेशन होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आसानी होगी।

- अनिल कुमार, करियर काउंसलर

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