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महास्नान के बाद एकांतवास में गए भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी,रथयात्रा सात जुलाई को

भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी ज्येष्ठ पूर्णिमा पर महास्नान के बाद भाई बदभद्र और बहन सुभद्रा के साथ पन्द्रह दिनों के लिए एकांतवास में चले गये। सात...

महास्नान के बाद एकांतवास में गए भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी,रथयात्रा सात जुलाई को
हिन्दुस्तान टीम,रांचीSun, 23 Jun 2024 01:15 AM
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तोरपा। भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी ज्येष्ठ पूर्णिमा पर महास्नान के बाद भाई बदभद्र और बहन सुभद्रा के साथ 15 दिनों के लिए एकांतवास में चले गए। सात जुलाई रथयात्रा के दिन प्रभु भक्तों को दर्शन देंगे। शनिवार को तोरपा कोटेंगसेरा स्थित जगन्नाथ मंदिर में विधि विधान के साथ महास्नान अनुष्ठान संपन्न कराया गया। सुबह में कारो नदी से कलश में भरकर जल लाया गया। दुध, जल व सुगंधित द्रव्य से भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा, भाई बलदेव के विग्रहों का स्नान कराया गया। महाआरती की गयी। दोपहर में भोग के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। संध्या आरती के बाद मंदिर का पट बंद कर दिया गया। रथयात्रा के एक दिन पूर्व नेत्र अनुष्ठान के बाद मंदिर का पट खुलेगा। अनुष्ठान श्रीपाद मंगल निलय दास प्रभु ने संपन्न कराया।

संकीर्तन यात्रा निकाली गयी:

सुबह में संकीर्तन यात्रा निकाली गयी। महिलाएं माथे पर कलश लेकर यात्रा में शामिल हुईं। संकीर्तन यात्रा जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर कारो नदी पहुंची। यहां कलश में जल भरा गया। संकीर्तन करते हुए श्रद्धालु वापस मंदिर पहुंचे। श्रीपाद निलय दास प्रभु ने बताया कि जगत नियंता भगवान श्री जगन्नाथ महास्नान के बाद बीमार पड़ जाते हैं। 15 दिनों तक भगवान एकांतवास में रहेंगे। 15 दिनों तक उनका इलाज ठीक उसी तरह से किया जाता है, जैसे आम लोगों का किया जाता है। भगवान को आयुर्वेदिक जडी बूटियों और काढे का भोग लगाया जाता है। स्वस्थ होने के बाद नेत्र अनुष्ठान के दिन भगवान गर्भगृह में विराजेगें। रथयात्रा के दिन भक्तों को दर्शन देने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर निकलेगें।

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