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किसानों को सलाह, एक सप्ताह तक गरमा धान की कटाई न करें

हिन्दुस्तान टीम,रांचीNewswrap
Fri, 28 May 2021 07:30 PM
किसानों को सलाह, एक सप्ताह तक गरमा धान की कटाई न करें

रांची I प्रमुख संवाददाता

राज्य में यास चक्रवात की वजह से लगातार तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से खेतों में गरमा धान फसल को क्षति हुई है। साथ ही, खेतों में लगी लत्तीदार सब्जियों में खीरा, नेनुआ, झिंगी, कद्दू, फ्रेंचबीन, करैला, तरबूज व खरबूज की फसल को भी नुकसान हुआ है। बीएयू के निदेशक डॉ ए वदूद ने खेतों में तैयार गरमा धान फसल की कटाई करीब एक सप्ताह तक स्थगित रखने की सलाह दी तथा खेतों की मेड़ को काटकर जल निकासी करने को कहा है। खेतों में गिरे सब्जी पौधों के लत्तर को एक दूसरे के साथ बांध देने, सब्जी फसल के पौधों के आसपास मिट्टी चढ़ाने व खेतों में मेड़ बनाने की सलाह दी है, ताकि पौधों के नुकसान को कम किया जा सके।

कृषि वैज्ञानिकों ने सब्जियों की कटाई कर बरसाती सब्जियों की बुआई की तैयारी शुरू करने को कहा। बीएयू के डीन एग्रीकल्चर डॉ एमएस यादव ने कहा कि लगातार वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी हो गई है। ऐसे में सबसे पहले ऊपरी भूमि (टांड) में खेती को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने विभिन्न फसलों की समय पर बुआई के लिए खेतों की गहरी जुताई पूरी कर खेत की मिट्टी को पलटने की सलाह दी। कहा कि किसान हर खेत-टांड, दोन में मेड़ बांधकर गहरी जुताई करें, इससे खर-पतवार ऊपर आ जाएगा और इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा। गहरी जुताई से खेतों में मौजूद कीड़े व रोगों के विषाणु और अंडे मिट्टी की सतह पर आ जाएंगे, जो उच्च तापमान में नष्ट हो जाएंगे।

बीएयू के कीट विज्ञान विभाग के अध्यक्ष सह मुख्य वैज्ञानिक डॉ पीके सिंह ने बताया कि राज्य में लगातार बारिश से गरमा सीजन की लत्तीदार सब्जियों की खड़ी फसल में हानिकारक कीटों का प्रकोप में बढ़ोतरी हो सकती है। खेतों में नमी होने से कीट व्याधि का प्रभाव दिखने लगता है। लत्तरदार सब्जियों, जैसे- नेनुआ, झींगी, खीरा, लौकी, करैला व अन्य सब्जियों में भिंडी, टमाटर, शिमला मिर्च आदि में लाल भृंग, फल मक्खी या लाल मकड़ी का प्रकोप देखा जाता है। इससे बचाव के लिए पौधों में फल लगना शुरू होने पर नीम से बना कीटनाशी जैसे अचूक/नीमेरीन/नीमेसिडीन में से किसी एक दवा का 5 मिली एक लीटर पानी में मिलाकर मौसम साफ रहने पर छिड़काव करना चाहिए।

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