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चुनावी महापर्व को सफल बनाने 2037 बूथों पर भेजे गए 9770 मतदान कर्मी

चुनावी महापर्व को सफल बनाने के लिए मोरहाबादी मैदान से शुक्रवार सुबह छह से शाम सात बजे तक मतदान कर्मचारियों को बूथ पर रवाना किया...

चुनावी महापर्व को सफल बनाने 2037 बूथों पर भेजे गए 9770 मतदान कर्मी
हिन्दुस्तान टीम,रांचीFri, 24 May 2024 07:45 PM
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रांची, संवाददाता। चुनावी महापर्व को सफल बनाने के लिए मोरहाबादी मैदान से शुक्रवार सुबह छह से शाम सात बजे तक मतदान कर्मचारियों को बूथ पर रवाना किया गया। चुनावी महापर्व को सफल बनाने के लिए 2037 बूथों के लिए 9770 कर्मचारियों को अलग-अलग वाहनों से रवाना किया गया। वहीं, 1622 मतदान कर्मियों को रिजर्व में रखा गया है। इससे पहले रांची डीसी राहुल सिन्हा ने सभी को ब्रीफ किया और मतदान से जुड़ी सभी तरह की जानकारी दी। मौके पर डीडीसी, एसडीओ, एसएसपी, सिटी एसपी भी मौजूद थे।
सुबह छह बजे से ही मतदानकर्मी मोरहाबादी में जुटने लगे थे। सभी को विधानसभावार बूथ संख्या के अनुसार वीवीपैट और बैलेट यूनिट बांटे गए। यहां तक उन्हें बसों की भी जानकारी भी दी गई।

जीपीएस से गतिविधि पर रखी जा रही नजर

दूर-दराज के मतदान केंद्र तक जाने वाले कर्मचारियों को पहले रवाना किया गया। बसें सुबह 10:30 बजे से प्रस्थान करने लगी थीं। अधिकांश वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि सभी की गतिविधयों का पता चलता रहा। कर्मचारियों की रवानगी से पहले तक उनके रहने, भोजन आदि सभी तरह की व्यवस्था को पुख्ता किया गया।

बूथ पर जल्दी जाने के लिए परेशान रहे कर्मी

सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद मतदानकर्मी अपने-अपने बूथ पर पहुंचने के लिए परेशान दिखे। कर्मियों ने बताया कि बस से जाने वाले अन्य मतदानकर्मियों के नहीं पहुंचने के कारण उनकी बस रवाना नहीं हो रही। वहीं, कुछ बसों में कर्मी बैठ तो गए, पर जरूरी औपचारिकता के कारण देरी हो रही थी। मतदानकर्मियों ने बताया कि केंद्र पर जाकर व्यवस्था देखनी होगी। सही नहीं रहने पर खुद से इंतजाम करेंगे।

खूब बिका पानी, फल के सहारे रहे कर्मी

तेज धूप के चलते कर्मचारी पानी के लिए परेशान रहे। ऐसे में आसपास लगी दुकानों पर बोतल बंद की खूब बिक्री हुई। स्थिति ये थी कि कई स्टॉल वालों का स्टॉक तक खत्म हो गया। वहीं, कर्मचारी दिनभर फल के सहारे रहे। कई कर्मचारियों ने आजीविका सखीमंडल द्वारा लगाए गए फूड स्टॉल से भी खाद्य पदार्थ खरीदे।

पारंपरिक रीति-रिवाज की विधि भी की गई

कर्मियों को पारंपरिक रीति-रिवाज से रवाना किया गया। ढोल-नगाड़े बजाए गए। महिला मतदानकर्मियों को लोटा पानी की परंपरा के साथ भेजा गया। इससे पहले नुक्कड़ नाटक किया गया। दिनभर कलाकार भी स्टेडियम में मौजूद रहे। ढोल नगाड़े, लोकगीत और पारंपरिक परिधान में कलाकार इस उत्सवी माहौल की शोभा बढ़ाते रहे।

वाहन कोषांग समस्या समाधान के लिए रहा तत्पर

मतदान कर्मियों को बूथों तक भेजने के लिए वाहन कोषांग पूरी तरह तत्पर रहा। सुबह से मतदान कर्मियों को उनके लिए तय गाड़ियों में बिठाने से लेकर रवाना करने तक अपनी ड्यूटी निभाई। कई कर्मियों के छूट जाने पर उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था कर रवाना किया। कर्मियों को रवाना होने में कोई समस्या न हो इसके लिए रांची डीटीओ अखिलेश कुमार खुद जिम्मा संभाले हुए थे।

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