राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी के आगाज के साथ झारखंड को 2 पदक

Jan 06, 2026 08:40 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड में 69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता का उद्घाटन खेलगांव स्थित एक्सेलेंस सेंटर में हुआ। पहले दिन, चंद्रमोहन सोरेन ने बालकों के 20 मीटर इंडियन राउंड में स्वर्ण पदक जीता, जबकि सोनी कुमारी ने कांस्य पदक जीता। विधायक राम सूर्य मुंडा ने खेलों के महत्व पर जोर दिया।

राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी के आगाज के साथ झारखंड को 2 पदक

रांची, वरीय संवाददाता। शिक्षा विभाग की मेजबानी में खेलगांव स्थित एक्सेलेंस सेंटर में 69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। पहले दिन इंडिया राउंड के मुकाबले हुए। इसमें झारखंड के खाते में दो पदक आए। बालकों के 20 मीटर इंडियन राउंड में चंद्रमोहन सोरेन ने झारखंड को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। एक कांस्य पदक बालिकाओं के 20 मीटर इंडियन राउंड में सोनी कुमारी ने जीता। इससे पहले प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए विधायक राम सूर्य मुंडा ने कहा, यह आयोजन झारखंड के लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। तीरंदाजी सिर्फ खेल नहीं है, यह हमें एकाग्रता, धैर्य व लक्ष्य पर ध्यान लगाने की सीख देती है।

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राज्य सरकार विद्यालय स्तर से ही खेलो को नीतिगत और संरचनात्मक ढंग से लागू करने का प्रयास कर रही है। उद्घाटन समारोह में शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देशभर से आए आगंतुकों को झारखंड की संस्कृति से अवगत कराया। संत जेवियर स्कूल लुपुंगुट्टु, चाईबासा के छात्रों ने ब्रास बैंड की मनमोहक प्रस्तुति दी। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय उच्च विद्यालय, कांके की छात्राओं ने पाइप बैंड की प्रस्तुति से सबका दिल जीत लिया। संगीतकार माधवी मधुकर ने अपनी सुरीली आवाज से हमर झारखंड, हीरा झारखंड और देशभक्ति के गीतों को गाकर खिलाड़ियों में जोश बढ़ाया। साथ ही खेलो झारखंड के थीम सांग पर प्रस्तुति देकर खिलाड़ियों में खेल की भावना को सशक्त किया। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय उच्च विद्यालय, गोला की बालिकाओ ने प्रसिद्द पाइका लोक नृत्य और पारंपरिक छऊ नृत्य की प्रस्तुति दी। राष्ट्रीय बाल रंग महोत्सव की विजेता टीम ने झारखंड की पारंपरिक छऊ नृत्य की विभिन्न शैलियों के माध्यम से महिषासुर मर्दिनी नृत्य पेश कर आध्यात्मिक और सांस्कृति समा बांध दिया। मंच संचालन का चंद्रदेव सिंह ने किया। रोजगार, प्रतिष्ठा व भविष्य निर्धारित करता है खेल : सीईओ विशिष्ट अतिथि जेएसएसपीएस के सीईओ नवीन झा बोले, आज के समय में खेल रोजगार, प्रतिष्ठा और भविष्य का निर्धारण करता है। खेल अनुशासन के लिए अनिवार्य है। खेल में प्रतियोगी भावना और निष्ठा होती है। आयोजन सचिव धीरसेन सोरेंग बोले, इस वर्ष पांच एसजीएफआई खेलों की मेजबानी झारखंड को मिली है। मौके पर पुष्पा हस्सा, रीना कुमारी, श्रीकांत पुरवार, डॉ राकेश कुमार, हरेंद्र सिंह, रवि शंकर एवं डॉ कल्पना आर्य आदि थे। पहले दिन इन्होंने जीते पदक बालक वर्ग, 20 मीटर इंडियन राउंड : स्वर्ण पदक चंद्र मोहन सोरेन (झारखंड), रजत पदक हरसिल (केवीएस), कांस्य पदक विक्रम राज (छत्तीसगढ़), 30 मीटर इंडियन राउंड : स्वर्ण पदक रोहित मरांडी (ओडिशा), रजत पदक तोरण यादव (छत्तीसगढ़), कांस्य पदक प्रज्ञान गोगई (असम), बालिका वर्ग, 20 मीटर इंडियन राउंड : स्वर्ण पदक स्वरांजलि शंकर बनसुडे (महाराष्ट्र), रजत पदक हिमानी बसु मंत्री (असम), कांस्य पदक सोनी कुमारी (झारखंड), 30 मीटर इंडियन राउंड : स्वर्ण पदक हिमानी बसु मंत्री (असम), रजत पदक स्वरांजलि शंकर बनसुडे (महाराष्ट्र), कांस्य पदक स्वाती यादव (छत्तीसगढ़)।

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