Hindi NewsJharkhand NewsRanchi News5th National Conference of Chief Secretaries Concludes in New Delhi Focuses on Human Capital Development
केंद्र और राज्यों के बीच संवाद को सशक्त बनाने पर जोर

केंद्र और राज्यों के बीच संवाद को सशक्त बनाने पर जोर

संक्षेप:

तीन दिवसीय पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार हुए शामिल, विकास एजेंडे पर झारखंड ने की मजबूत प्रस्तुति, राज्य एव

Dec 28, 2025 08:18 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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नई दिल्ली/रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 26 से 28 दिसंबर तक आयोजित तीन दिवसीय मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धि ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत केंद्र और राज्यों के बीच खुले संवाद और संरचित सहयोग को सशक्त बनाना रहा। सम्मेलन का आयोजन विकसित भारत के लिए मानव पूंजी की थीम पर किया गया। इसका उद्देश्य भारत की जनसंख्या को कुशल, उत्पादक और भविष्य के लिए तैयार कार्य बल के रूप में विकसित करना था। झारखंड सरकार की ओर से मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव कृपानंद झा, योजना एवं विकास विभाग के सचिव मुकेश कुमार तथा विशेष सचिव राजीव रंजन सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की।

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मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने विकास एजेंडे पर झारखंड की मजबूत प्रस्तुति दी। साथ ही राज्य एवं देश के विकास से जुड़े तथ्यों को साझा किया। सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, वरिष्ठ केंद्रीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। यह सम्मेलन देश की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम, समन्वित और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। बता दें कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र-राज्य साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। मानव पूंजी विकास पर केंद्रित इस सम्मेलन में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, स्कूली शिक्षा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, खेल एवं पाठ्येतर गतिविधियों पर विचार-विमर्श हुआ। ‘विकसित भारत’ की थीम के तहत जनसंख्या को जनसांख्यिकीय लाभांश के बजाय सशक्त मानव पूंजी के रूप में विकसित करने पर ज़ोर दिया गया। चर्चाओं का फोकस कौशल, उत्पादकता, नवाचार और रोजगार क्षमता बढ़ाने वाले तंत्रों पर रहा, ताकि समावेशी, सतत और भविष्य-उन्मुख जन-केंद्रित विकास को बढ़ावा मिल सके। सम्मेलन के दौरान शासन सुधार, प्रशासनिक दक्षता और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर भी गहन मंथन किया गया।