
दुबई में फंसे 14 में से 11 मजदूरों की सकुशल घर वापसी
दुबई में फंसे झारखंड के 14 प्रवासी मजदूरों में से 11 की सुरक्षित वापसी हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर कार्रवाई की गई। मजदूरों ने वीडियो शेयर कर बताया था कि उन्हें तीन महीने से वेतन नहीं मिला। घर लौटने पर उनके चेहरों पर राहत और खुशी थी।
रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। दुबई में फंसे गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिले के 14 में से 11 प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी हो गयी है। ये जानकारी राज्य प्रवासी कंट्रोल रूम ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट कर दी है। कंट्रोल रूम ने कहा है कि दुबई में कार्यरत झारखंड के 14 प्रवासी मजदूरों के बकाया वेतन एवं सुरक्षित स्वदेश वापसी संबंधित शिकायत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। दुबई स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय से मंगलवार को 11 मजदूरों की सुरक्षित वापसी हुई है। जानकारी के मुताबिक, घर लौटने वाले 11 मजदूरों बुधवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट, कोलकाता पहुंचे, जहां से सभी को बस से हावड़ा स्टेशन के लिए रवाना किया गया, ताकि वे अपने-अपने घरों तक पहुंच सकें।
वतन लौटने के बाद मजदूरों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी। बता दें कि झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग व बोकारो जिले के कम से कम 14 प्रवासी मजदूरों ने बीते 2 फरवरी को दुबई में फंसे होने की बात करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था। मजदूरों का कहना था कि बीते तीन महीने से किसी भी मजदूर को ठीक से वेतन नहीं मिला है। इस कारण उन सभी को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उनके खाने के भी लाले पड़ गए हैं। प्रवासी मजदूरों की समस्या को सुनकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी भारत सरकार और झारखंड सरकार से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। राज्य सरकार के प्रयास से मजदूरों की घर वापसी हो पाई है।

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