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Hindi News झारखंड रांचीकस्तूरबा और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं को करियर पर परामर्श देंगे 106 प्रशिक्षित शिक्षक

कस्तूरबा और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं को करियर पर परामर्श देंगे 106 प्रशिक्षित शिक्षक

- 'हमें बढ़ना है' के तहत 10 जिलों से चयनित हुए थे प्रशिक्षक - 50

कस्तूरबा और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं को करियर पर परामर्श देंगे 106 प्रशिक्षित शिक्षक
हिन्दुस्तान टीम,रांचीSat, 25 May 2024 01:45 AM
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रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड में संचालित 203 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय और 57 झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली 50 हजार से अधिक छात्राओं को करियर विकल्पों के चयन और लक्ष्य निर्धारण के लिए सलाह दी जाएगी। करियर परामर्श पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त 106 शिक्षक इसमें सहायता करेंगे। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के मार्गदर्शन में पीसीआई इंडिया (कमिंस फाउंडेशन और राइजअप के समर्थन के साथ) की ओर से राज्य के 10 जिलों से चयनित 106 शिक्षकों को इससे संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
इन शिक्षकों को आर्थिक स्वतंत्रता के मार्ग पर स्थापित छात्राओं की मदद करने और उन्हें उत्पादक मानव संसाधनों के रूप में विकसित होने में सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक आदित्य रंजन ने कहा कि करियर परामर्श माध्यमिक स्कूल की लड़कियों के आत्मसम्मान में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह उन्हें पूरी तरह से कक्षा के शिक्षण, पठन-पाठन समेत आदि गतिविधियों में भाग लेने में सक्षम कर सकता है।

क्या है 'हमें बढ़ना है' प्रोजेक्ट

'हमें बढ़ना है' प्रोजेक्ट को झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के मार्गदर्शन में पीसीआई इंडिया द्वारा शुरू किया गया है। यह सरकारी आवासीय स्कूलों में पढ़ रहीं छात्राओं को समग्र परामर्श पैकेज प्रदान करता है। इन विद्यालयों में अधिकांश छात्राएं वंचित और कम सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से आती हैं। शिक्षा और करियर का निर्धारण इन बच्चियों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में काउंसलर के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद चयनित शिक्षक नियमित रूप से इन छात्राओं के साथ मॉड्यूलर सत्र और समूह परामर्श सत्र आयोजित करते हैं।

छात्राओं को तीन समूह में बांटा गया है। पहला ग्रेड 6-8 क्लास, दूसरा ग्रेड 9-10 क्लास और तीसरा ग्रेड 11-12 क्लास के रूप में है। परामर्श परियोजना छात्राओं को स्मार्ट लक्ष्य निर्धारित करने में मदद के अलावा साइकोमेट्रिक परीक्षणों के माध्यम से करियर विकल्प प्रदान करती है। प्रोजेक्ट के तहत काउंसिलिंग रूम भी स्थापित किए गए हैं।

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