ओला,उबर और रैपिडो के ड्राइवर हड़ताल पर क्यों? झारखंड में टैक्सी वालों का प्रदर्शन

By Anubhav Shakya लाइव हिन्दुस्तान, रांची

रांची में झारखंड प्रदेश टैक्सी एंड ऐप बेस्ड वर्कर्स यूनियन ने ओला, उबर और रैपिडो कंपनियों के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिसका व्यापक असर देखने को मिला और शहर में टैक्सी बुकिंग मुश्किल होने के साथ ही किराया सामान्य दर से तीन गुना तक बढ़ गया।

ओला,उबर और रैपिडो के ड्राइवर हड़ताल पर क्यों? झारखंड में टैक्सी वालों का प्रदर्शन

झारखंड प्रदेश टैक्सी एंड ऐप बेस्ड वर्कर्स यूनियन ने सोमवार से ओला, उबर और रैपिडो कंपनी के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। हड़ताल के पहले ही दिन राजधानी रांची में इसका व्यापक असर देखने को मिला। शहर में ऐप के जरिए टैक्सी बुक करना मुश्किल हो गया। वहीं, कुछ जगहों पर किराया सामान्य दर से तीन गुना तक अधिक दिखाई दिया। यात्रियों को मजबूर होकर ऑटो, ई-रिक्शा और रेंटल टैक्सी का सहारा लेना पड़ा। शहर के प्रमुख इलाकों- मेन रोड, कांटाटोली, लालपुर, हरमू, रातू रोड, कोकर में ऐप कैब लगभग नदारद रहीं।

यूनियन की प्रमुख मांगें: हड़ताल का नेतृत्व कर रहे झारखंड प्रदेश टैक्सी एंड ऐप बेस्ड वर्कर यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह कदम ड्राइवरों के हित में उठाया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनियां लगातार किराया घटा रही हैं, जबकि ईंधन, मेंटेनेंस और टैक्स का बोझ बढ़ता जा रहा है। यूनियन ने कहा है कि अगर सरकार या कंपनी प्रबंधन ड्राइवरों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन राज्यव्यापी स्तर पर तेज किया जाएगा।

यूनियन की मुख्य मांगें

  • किराए में बढ़ोतरी की जाए ताकि ड्राइवरों की आय में सुधार हो।
  • रिचार्ज सिस्टम समाप्त हो, जिससे ड्राइवरों को अनावश्यक वित्तीय दबाव न झेलना पड़े।
  • एक बुकिंग केवल एक ही पार्टनर को मिले, ताकि अनुचित प्रतिस्पर्धा खत्म हो।
  • बाइक टैक्सी (रैपिडो) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

-प्राइवेट कारों का व्यावसायिक उपयोग टैक्सी सेवा में न हो।

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें
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