
रांची में गरजा बुलडोजर, तोड़ दिए गए कई घर; क्या थी वजह
रांची के कांके डैम क्षेत्र में शुक्रवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी उत्कर्ष कुमार के निर्देश पर रातू सीओ रवि कुमार के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान तीन घरों को जमींदोज कर दिया गया।
रांची के कांके डैम क्षेत्र में शुक्रवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी उत्कर्ष कुमार के निर्देश पर रातू सीओ रवि कुमार के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। नोटिस देने के बाद भी जमीन खाली नहीं करने पर कार्रवाई की गई। इस दौरान तीन घर, एक चहारदीवारी और एक होटल तोड़ दिए गए।

अतिक्रमण हटाओ अभियान दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ और शाम तीन बजे तक चला। सीओ रवि कुमार, सीआई सरफराज अफजल और जेई संजय मुंडा दल-बल के साथ मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पुलिस जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। इस दौरान दो जेसीबी से अवैध निर्माण गिराए गए।
होटल मालिक को नहीं मिली राहत : कार्रवाई के दौरान होटल वैशाली गार्डन के मालिक राज जायसवाल ने कहा कि उन्होंने कोर्ट से स्टे ऑर्डर लिया है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्टे प्लॉट नंबर 499 के लिए था, जबकि कार्रवाई प्लॉट नंबर 504 पर की जा रही है। इसलिए होटल तोड़ दिया गया।
नोटिस मिलने के बावजूद नहीं हटे कब्जाधारी
अंचल कार्यालय ने पहले ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया था। नोटिस पानेवालों में सुजीत कुमार सिंह, गुड्डू यादव, मधु देवी, अनिल कुमार साहू, देवन्ती देवी, रेणुका ठाकुर, प्रियंका कुमारी, धर्मेंद्र कुमार, पवन आर्या, पिन्टू उरांव समेत दो अज्ञात शामिल हैं। ज्ञात हो कि खाता नंबर 26 के प्लॉट नंबर 498/499, खाता नंबर 43 के प्लॉट नंबर 499/504, खाता नंबर 70 के प्लॉट 454 और खाता नंबर 58 के प्लॉट 507 पर कार्रवाई की गई। यहां प्रशासन ने एक चहारदीवारी, तीन घर और होटल वैशाली गार्डन को ढहा दिया।
अतिक्रमण हटाने पर ग्रामीणों में नाराजगी
अतिक्रमण हटाने के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि जमीन की रसीद 2025 तक कटी है। जमीन रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज भी है। राज्य सरकार ने पहले पिलर लगाकर सीमा चिह्नित की थी। मधु देवी के ससुर महेश साहू ने कहा कि हमने कानूनी कागजात देखकर जमीन खरीदी, दाखिल-खारिज भी हुई फिर भी घर तोड़ा जा रहा है।
पेयजल विभाग गोंदा की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
कांके डैम जलाशय क्षेत्र में अतिक्रमण की जांच पेयजल एवं स्वच्छता विभाग गोंदा के सहायक अभियंता शुभम ने रातू अंचल कार्यालय के अमीन मोहम्मद हफीज के साथ की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। इधर, प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी जलाशय क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीओ ने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी भूमि को खरीदने से पहले राजस्व अभिलेख और प्रतिबंधों की पुष्टि अवश्य कर लें अन्यथा ऐसी कार्रवाई फिर दोहराई जा सकती है।





