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गौरक्षकों के मामले में सांसद की भूमिका नगन्य : शंकर चौधरी

गौरक्षकों के मामले में सांसद की भूमिका नगन्य : शंकर चौधरी

अलीमुद्दीन कांड में उच्च न्यायालय से आठ गौरक्षकों को जमानत मिलते पर शुक्रवार को भाजपा के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने अपने आवासीय कार्यालय प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को जमानत मिलने के बाद शहर में विजय जुलूस निकाला जाएगा। हालांकि प्रेस वार्ता के दौरान जमानत पाए आठ युवकों के परिजन मौजूद थे। उन्होंने कहा कि 29 जून 2017 रामगढ़ के इतिहास का काला दिन था। जबकि 29 जून 2018 हमारे लिए खुशी का दिन है। माननीय कोर्ट ने आठ निर्दोष गौरक्षकों को जमानत दी है। न्यायालय पर मुझे पूर्ण विश्वास है कि निर्दोषों को न्याय अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि शेष लोगों की सुनवाई अगले हफ्ते होगी। उन्होंने कहा कि गौ रक्षकों की ओर से वरीय अधिवक्ता बीएन त्रिपाठी ने करीब 45 मिनट तक गौरक्षकों का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस मामले सबसे शर्मनाक भूमिका सांसद सह केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की रही। वे हमेशा झूठ बोलकर रामगढ़ की जनता को गुमराह करते रहे। उन्होंने कहा कि सासंद के कोई भी वकील सामने नहीं आए। श्री चौधरी ने कहा कि उन्होंने एक भी गौरक्षकों और उनके परिवार की सहायता नहीं की। प्रेस वार्ता के दौरान गौरक्षकों ने परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सांसद से कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि दुख: की घड़ी में जो जनप्रतिनिधि जनता के साथ नहीं खड़ा होता, जनता भी चुनाव के दौरान उसे नाकार देती है। शंकर चौधरी ने हिंदुओं से आग्रह करते हुए कहा कि वर्तमान सांसद को वोट नहीं दें। शंकर चौधरी ने फिर दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भी जनभावना को ध्यान रख घटना की सीबीआई अथवा एनआइए जांच करने की घोषणा करें। अन्यथा इस आग की चिंगारी में कौन-कौन जलेगा यह नहीं कहा जा सकता। इससे पूर्व विधायक ने गौरक्षकों के परिजनों के साथ लोगों के बीच मिठाई का वितरण किया। मौके पर बलराम प्रसाद कुशवाहा, भगवान साहू, उपेंद्र वर्मा, प्रदीप प्रजापति, अशोक साहू, पार्वती देवी, राजेंद्र शर्मा समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे।

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  • Web Title:The role of MP in the case of voters is negligible: Shankar Chaudhary