केदला कोयलांचल में हड़ताल का व्यापक असर
हजारीबाग क्षेत्र में चार श्रम कोड के खिलाफ संयुक्त ट्रेड यूनियन द्वारा आहूत एकदिवसीय हड़ताल सफल रहा। मजदूरों ने कार्य पर नहीं पहुंचकर इस हड़ताल का समर्थन किया। कोयलांचल में कोयला उत्पादन ठप रहा और कई परियोजनाओं में कामकाजी गतिविधियाँ रुक गईं। ट्रेड यूनियन नेताओं ने मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए और संघर्ष की चेतावनी दी।

केदला, निज प्रतिनिधि। चार श्रम कोड के खिलाफ संयुक्त ट्रेड यूनियन की ओर से आहूत गुरुवार को एकदिवसीय हड़ताल पूरे हजारीबाग क्षेत्र में सफल रहा। मजदूर स्वतः अपने कार्य पर नहीं पहुंचे और मजदूर विरोधी कोड को अस्वीकार किया। इस हड़ताल का केदला कोयलांचल में व्यापक असर देखा गया। सुबह से ही संयुक्त ट्रेड यूनियन के नेताओं में एनसीओइए के क्षेत्रीय अध्यक्ष बलभद्र दास, युकोवयू के क्षेत्रीय अध्यक्ष नीरज सिंह, क्षेत्रीय सचिव राजेंद्र प्रसाद सिंह, सीएमयू के खुशिलाल महतो, एजेकेएसएस के क्षेत्रीय सचिव मदन महतो, सीटू के क्षेत्रीय अध्यक्ष बसंत कुमार, जेसीएमयू के क्षेत्रीय सचिव अकल उरांव, किशुन महतो, राजू महतो, पप्पु दुबे, सुरेंद्र शर्मा, नेहरु महतो, फरहरी महतो सहित अन्य नेता हजारीबाग क्षेत्र के सभी परियोजनाओं को घूम घूम कर बंद कराते देखे गए।
सीसीएल हजारीबाग कोयला क्षेत्र के तापिन साउथ और नॉर्थ उत्खनन परियोजना, परेज पूर्वी उत्खनन परियोजना, केदला उत्खनन परियोजना, झारखंड उत्खनन परियोजना में कोयला का उत्पादन ठप रहा और इन परियोजनाओं से कोयला का परिवहन भी बंद रहा। इसके अलावे चरही जीएम ऑफिस, केदला भूगर्भ परियोजना, केदला वाशरी, आरआर वर्कशॉप में भी कामगारों ने कार्य का वहिष्कार करते हुए हड़ताल का अपना समर्थन दिया। संयुक्त ट्रेड यूनियन के नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार चार श्रम कोड पारित किया था। जिसे मजदूर वर्ग काला कानून मानते हुए इसके खिलाफ इस हड़ताल में अपना पूर्ण समर्थन दिया है। अगर इसके बाद भी सरकार नहीं झुकती है तो चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय किया जाएगा।
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