परनिंदा सबसे बड़ा पाप, आत्मा को करती है आहत : मुनिश्री शुभानंद
स्थानीय दिगम्बर जैन मंदिर, रामगढ़ में इन दिनों परम पूज्य आचार्य वसुनंदी के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री 108 पुण्यानंद और मुनिश्री 108 शुभानंद का मंगल प्

रामगढ़। स्थानीय दिगम्बर जैन मंदिर, रामगढ़ में इन दिनों परम पूज्य आचार्य वसुनंदी के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री 108 पुण्यानंद और मुनिश्री 108 शुभानंद का मंगल प्रवास जारी है। इस दौरान प्रतिदिन आयोजित हो रहे मंगल प्रवचनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है पूरा वातावरण धर्ममय बना हुआ है। प्रवचन के क्रम में मुनिश्री शुभानंद ने बुधवार, को कहा कि मनुष्य के जीवन में पाप के अनेक रूप होते हैं, जैसे लोभ, माया, हिंसा, दुराचार और परस्त्री गमन आदि। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का पाप करना आत्मा को कष्ट पहुँचाने के समान है, लेकिन इन सभी में सबसे गंभीर पाप परनिंदा है।
उन्होंने कहा कि परनिंदा करने वाला व्यक्ति न केवल स्वयं पाप का भागी बनता है, बल्कि वह दूसरों की आत्मा को भी पीड़ा पहुँचाता है, जिससे उसका आध्यात्मिक पतन होता है। मुनिश्री ने अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मशुद्धि, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मन, वचन और कर्म की पवित्रता ही सच्चे धर्म का आधार है। जैन समाज के सचिव योगेश सेठी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुनि संघ के आगमन से रामगढ़ की भूमि पावन हो गई है और समाज में उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु भक्तिरस में डूबकर मुनि संघ के सान्निध्य का भरपूर लाभ ले रहे हैं। इस अवसर पर ललित चूड़ीवाल, पदम जैन, राहुल पाटनी, राजेश जैन, उषा अजमेरा, प्रेम काला, प्रिया पाटनी, पुष्पा सेठी, श्वेता अजमेरा, माया जैन, कुसुम पाटनी, अनीता चूड़ीवाल, सुनीता चूड़ीवाल, रेखा कुसुम जैन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भी आहारचर्या को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उक्त जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी श्रवण जैन ने दी।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


