राइस मिल जिले के पैक्सों से नहीं उठाए किसान के 94.57 हजार क्विंटल धान
--657 किसानों को अबतक नहीं हुआ राशि का भुगतान झारखंड, रामगढ़, किसान झारखंड, रामगढ़, किसान झारखंड, रामगढ़, किसान झारखंड, रामगढ़, किसान

रामगढ़, हमारे प्रतिनिधि। जिले में इस बार धान बेचने के लिए कुल 7433 किसान निबंधित हैं। इन किसानों से किसानों से कुल 2 लाख क्विंटल धान अधिप्राप्ति के लिए 22 धान अधिप्राप्ति केंद्र खोले गए। साथ ही इसके लिए 2 राइस मिल को टैग किया गया है। ताकि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हो पाए और किसानों को समय से राशि का भी भुगतान किया गया जा सके। इसके तहत जिले में दिसंबर माह से लेकर अबतक 2899 किसानों ने कुल 1 लाख 62 हजार 392.47 क्विंटल धान अपने नजदीकी पैक्सों में जमा किया है। लेकिन मिल संचालकों की लापरवाही के कारण अबतक पैक्सों में जमा धान में महज 67 हजार 892.56 क्विंटल धान ही मिल अपने पास जमा ले पाई है।
मौजूदा समय मे सभी धान अधिप्राप्ति केंद्रों में किसानों के दिए धान पटे पड़े हैं। जिसके कारण अन्य किसान अपने धान को नहीं बेच पा रहे हैं। पैक्स संचालक बताते हैं कि अगर लगातार पैक्सों से धान का उठाव होता तो अबतक लक्ष्य की प्राप्ति कर ली जाती। साथ ही किसान बिचौलियों को धान बेच कर ठगा महसूस नहीं करता--सीएमआर निर्गत नहीं कर रहे मिल, हो रही देरीमिल की लापरवाही के कारण सीएमआर निर्गत नहीं होने हो पा रहा जिस कारण किसानों का धान पैक्स नहीं उठा रहे हैं। इस वजह से 2899 किसानों में से महज 2242 किसानों को ही धान की राशि का भुगतान हो पाया है। बाकी 657 किसान को अबतक अपने धान की राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। वहीं सीएमआर निर्गत नहीं होने के कारण पैक्सों से भी धान का उठाव नहीं हो पा रहा और बाकी किसानों का धान पैक्स जमा नहीं ले पा रही। इस वजह से किसान प्रतिदिन अपने धान को बेचने के लिए पैक्सों का चक्कर काटते देखे जा रहे हैं।--पैक्सों में पड़े हैं किसान के 94.57 हजार क्विंटल धानजिले के सभी 6 प्रखंडों में किसानों से धान जमा लेने के लिए कुल 22 पैक्स खोले गए हैं। लेकिन मिल की ओर से सीएमआर मिर्गत नहीं करने के कारण अभी इन पैक्सों में 94 हजार 570 क्विंटल धान पड़े हुए हैं। जिसे सीएमआर मिलने के बाद मिल अपने पास जमा लेंगे।इसे लेकर जिले के कुछ किसान कहते हैं कि अगर जिले में बड़ा कोई गोदाम होता तो सभी किसानों का धान अबतक जमा हो जाता।इसे लेकर पैक्स संचालक बताते हैं जब गोदाम खाली होता है तब किसानों को सूचना देकर उनसे धान की अधिप्राप्ति की जाती है। लेकिन मौजूदा समय मे धान खरीद के लिए कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं है।--दर्जनों किसानों को नहीं मिली अबतक प्राप्ति रसीदजिले में अबतक दर्जनों किसानों को अबतक प्राप्ति रसीद तक नहीं मिला पाया है। जबकि सैंकड़ों किसानों के धान की राशि का भुगतान तक नहीं हो पाया है। ऐसे ही कुछ पैक्सों की पड़ताल की गई। जिसमें गोला के हप्पू पैक्स भी शामिल है। यहां पर नजरा ही कुछ अलग देखने को मिला है। यहां पर अबतक 14 किसान अपने धान जमा करने के बावजूद उनको प्राप्ति रसीद निर्गत नहीं किया गया है। जिस कारण ये किसान काफी चिंतित हैं। हप्पू के किसान नकुल महतो, अशोक कुमार, संजीव कुमार, आशो देवी, भारत महतो, जगन महतो, पाणेश्वरी देवी, योगेंद्र महतो, ओमप्रकाश महतो, नसीमा परवीन, अफसाना खातून, दीपक कुमार, त्रिलोकी महतो और मनोज करमाली बताते हैं की अबतक पैक्स से उन्हें धान की प्राप्ति राशिद तक नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें धान की राशि का भुगतान कैसे होगा। वे बताते हैं कि इससे अच्छा होता कि हम बिचौलिए को ही कम दाम में धान बेचते तो उसकी राशि तो मिल जाती। विभाग के इस रवैये के कारण यहां के दर्जनों किसान अपने धान को बिचौलिए के पास ओने-पौने दामों पर धान बेच दे रहे हैं।-- एक्सटेंशन लेटर मिलने के बाद शुरू होगी धान की खरीदजिले में धान अधिप्राप्ति के लिए पहले दो मिल टैग किये गए हैं। इस बार धान खरीद की प्रक्रिया ठीक है। लेकिन विभाग से एक्सटेंशन लेटर नहीं मिलने के कारण पैक्स किसानों से धान नहीं खरीद पा रही है। लेकिन जल्द विभाग जिले को एक्सटेंशन लेटर देगी। जिसके बाद हमब कई बचे किसानों का धान क्रय कर लेंगे। साथ ही तय लक्ष्य की भी प्राप्ति होगी।
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