नतीजा के बाद उपाध्यक्ष पद पर काबिज होने की कवायद
नगर परिषद रामगढ़ के कई नव निर्वाचित पार्षदों की दावेदारी झारखंड, रामगढ़, शहर झारखंड, रामगढ़, शहर झारखंड, रामगढ़, शहर

रामगढ़, शहर प्रतिनिधि नगर परिषद रामगढ़ का चुनाव और मतगणना दोनों संपन्न हो चुका है। अध्यक्ष के रुप में कांग्रेस समर्थित कुसुमलता कुमारी निर्वाचित हुई। वहीं 32 वार्ड पर अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेता और कार्यकर्ता के साथ समाजसेवियों का निर्वाचन हुआ। शुक्रवार की देर रात तक संपूर्ण विजेता अभ्यर्थियों के बीच निर्वाची पदाधिकारियों की ओर से प्रमाण पत्र का वितरण हुआ। इसके बाद बधाई और विजय जुलूस का दौर शनिवार को देर शाम तक चलता रहा। इस बार 2026 के निकाय चुनाव में जनता की वोट से उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हुआ। बल्कि चुने गए वार्ड पार्षदों की वोट से उपाध्यक्ष का चयन होना है।
इसलिए संभावित दावेदारों की ओर से पार्षदों को अपने पाले में लाने की कवायद शुरु हो चुकी है। दावेदारों के चाणक्य अपने-अपने स्तर से नव निर्वाचित पार्षदों से संपर्क साधना शुरु कर दिया है। बधाई देने के बहाने उपाध्यक्ष पद पर समर्थन जुटाने की कोशिश हो रही है। वहीं नव निर्वाचित पार्षद इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। उनकी ओर से दावेदारों के क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण के साथ राजनीतिक पृष्ठ भूमि खंगाले जा रहे हैं। उसके बाद उपाध्यक्ष पद पर नाम फाइनल किए जाने की संभावना है। - उपाध्यक्ष पद पर चार नाम की चर्चा नगर परिषद रामगढ़ उपाध्यक्ष पर चार नामों की प्रमुखता से चर्चा चल रही है। इसमें वार्ड 17 से निर्वाचित पार्षद कांग्रेस ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष रंधीर गुप्ता, वार्ड 24 की निर्वाचित पार्षद प्रतिभा शरण, वार्ड 9 की निर्वाचित पार्षद बुल्लू देवी और वार्ड 29 की निर्वाचित पार्षद जयंती देवी का नाम शामिल हैं। इसके अलावा दबे जुबान अन्य नामों पर चर्चा चल रही है। लेकिन उनकी ओर से अब तक किसी पार्षद से संपर्क नहीं साधा गया है। चल रहे चारों नाम का अपने-अपने पक्ष में अलग-अलग दावा है। कोई अपने राजनीतिक दल से जुड़े ज्यादा पार्षदों के चुनाव जीतने के बल पर तो कोई सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण के बलबूते दावेदारी को धार देने में जुटा है। साथ ही अनुभवी जनप्रतिनिधि का भी एक अलग दावा है। - नव निर्वाचित पार्षद नहीं खोल रहे पत्ते हिन्दुस्तान प्रतिनिधि ने उपाध्यक्ष के संभावित दावेदारों के साथ नव निर्वाचित पार्षदों से बात की। इस पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उनकी ओर से वेट एंड वाच में रहने की बात कही गई है। वहीं नव निर्वाचित पार्षदों ने भी समर्थन के बाबत पत्ते नहीं खोले। केवल इतना कहा कि अपने वार्ड के बेहतरी के लिए कोई निर्णय लिया जाएगा। उपाध्यक्ष कोई बने नगर परिषद रामगढ़ और संबंधित वार्ड का विकास प्राथमिकता है। इसके आधार पर ही किसी को भी समर्थन देने की बात कही। - राजनीतिक दलों के दिग्गज नफ्ज टटोलने में लगे निकाय चुनाव इस बार गैर दलीय हुआ। इसलिए सीधे रुप से कोई भी प्रत्याशी पर राजनीतिक दल के लोग दावा नहीं कर सकते हैं। इसलिए उनकी रणनीति पार्टी से जुड़े निर्वाचित पार्षद के नफ्ज टटोलने की है। साथ ही संख्या बल का भी आकलन किया जा रहा है। अपने बलबूते ज्यादा पार्षदों को एकजुट करने वाले को पार्टी समर्थन पर विचार कर सकती है। इस बाबत कांग्रेस, भाजपा, आजसू और झामुमो से जुड़े लोगों ने भी वेट एंड वाच में रहने की बात कही।
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