
जिले में लक्ष्य से ज्यादा सृजित हो रहे मानव दिवस, लेकिन सामग्री का नहीं मिला आवंटन
रामगढ़ जिले में मनरेगा योजना का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हो रहा है। अब तक 20 लाख 56 हजार 211 मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 110 प्रतिशत है। हालांकि, 24 हजार 559 कार्य अभी भी प्रगति पर हैं। राज्य से 34.80 करोड़ रुपये की सामग्री का बकाया योजनाओं की प्रगति में बाधक है।
रामगढ़, हमारे प्रतिनिधि। जिले में मनरेगा योजना का क्रियान्वयन अच्छे तरीके से किया जा रहा है। मानव सृजन भी पिछले साल के अनुरूप करीब 7 हजार ज्यादा का लक्ष्य निर्धारित है। अप्रैल माह से लेकर नवंबर माह अबतक निर्धारित लक्ष्य 18 लाख 66 हजार 459 के अनुरूप 20 लाख 56 हजार 211 मानव दिवस सृजित किया गया है। जो अबतक का 110 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार यहां के मनरेगा मजदूरों को काम मिल रह है। जबकी इस साल के बजट में 25.33 लाख मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित है। इसके बावजूद जिले में अबतक 24 हजार 559 कार्य अभी भी प्रगति पर ही है।

हालांकि इस आंकड़ों में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। जिसे जल्द पूरा करने की बात जिले के अधिकारियों की ओर से कही जा रही है। जिले में 2 लाख से बड़े योजना की नहीं मिल रही मंजूरी जिले के प्रखंडों में मौजूदा समय मे 2 लाख से कम की योजनाओं का कोडिंग विभाग की ओर से किया जा रहा है। लेकिन उससे अधिक के योजनाओं का कोडिंग अभी रोक दिया गया है। जिसके कारण 2 लाख से ज्यादा की योजनाएं अभी शुरू नहीं किया जा रहा है। जिसमे डोभा जिसकी लागत योजना 4.80 लाख है, आम बागवानी जिसकी लागत 4.17 लाख है, कुआं जिसकी लागत 4.20 लाख है ये सभी शामिल हैं। जिसकी पुष्टि गोला के एक रोजगार सेवक की ओर से की गई है। इस बार 6.38 लाख बढ़ी है मानव दिवस जिले में पिछले साल की बजट में जिले के लिए 1895528 मानव दिवस सृजित किया गया था। जिसे इस साल बढ़ाकर 2533556 किया गया है। पिछले साल की तुलना में इस साल कुल 638031 मानव दिवस बढ़ा है। जो पिछले 5 वर्षों के आंकड़े से भी ज्यादा है। -- राज्य से सामग्री का नहीं मिला 34.80 करोड़ जिले में इस बार मनरेगा के तहत योजनाओं का निष्पादन ठीक तरीके से हो रहा है। हालांकि इस साल अभी तक कुल 24559 योजना अभी अपूर्ण है। हालांकि इसमे से ज्यादातर योजना अभी चल ही रह है। जो जल्द पूरा हो जाएगी। वहीं पुराने वित्तिय वर्ष के 5216 योजना है जो पूरी तरह से अपूर्ण है। जिसका कार्य भी लंबित है। हालांकि इसके पीछे का कारण राज्य से सामग्री की राशि नहीं मिलना बताया जा रहा है। जिस कारण योजना अपूर्ण है। आंकड़ों की माने तो राज्य से जिले को अबतक सामग्री मद में 34.80 करोड़ रुपये बकाया है। जिस कारण योजनाएं अपूर्ण है। जिले में मनरेगा के तहत चयनित योजनाएं अभी क्रियान्वित हैं। सामग्री मद के बकाया के कारण कुछ पुरानी योजना अपूर्ण है। वहीं जिला मानव दिवस सृजन के मामले में तीसरे पायदान पर है और यहां अबतक 110 प्रतिशत मानव दिवस सृजित हो चुके हैं। जो आंकड़ों में 20 लाख 56 हजार 211 मानव दिवस पूरा हो चुका है। -आशीष अग्रवाल, डीडीसी रामगढ़।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




