विस्थापित और प्रभावितों को पीवीयूएनएल रोल पर स्थाई नौकरी में बहाल किया जाए: आदित्य

Feb 01, 2026 04:41 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रामगढ़
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पतरातू में विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा की बैठक में अध्यक्ष आदित्य नारायण प्रसाद ने पीवीयूएनएल में स्थाई नौकरी की मांग की। उन्होंने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता जताई। बैठक में कहा गया कि प्रबंधन को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और गुणवत्ता में सुधार के लिए उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।

विस्थापित और प्रभावितों को पीवीयूएनएल रोल पर स्थाई नौकरी में बहाल किया जाए: आदित्य

पतरातू, निज प्रतिनिधि। विस्थापित और प्रभावितों को पीवीयूएनएल रोल पर स्थाई नौकरी में बहाल किया जाए। उक्त बातें रविवार को कटिया सरना स्थल परिसर में आयोजित विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा की बैठक में मोर्चा के अध्यक्ष आदित्य नारायण प्रसाद ने कही। बैठक की अध्यक्षता आदित्य नारायण प्रसाद, संचालन प्रदीप महतो और कौलेश्वर महतो के संयुक्त रूप से किया। बैठक में निर्माणाधीन पीवीयूएनएल प्लांट में 31जनवरी 2026 को दुर्भाग्यवश घटी दुर्घटना को लेकर विचार करते हुए कहा गया कि यह बहुत चिंताजनक विषय है। ऐसा कहीं से भी नहीं लगता है कि लगातार घट रहे दुर्घटनाओं से सिख लेकर प्रबंधन के जिम्मेवार पदाधिकारी आगे पुनरावृति ना हो।

इसके लिए गंभीर हुए हों। घटनाओं को रोकने के लिए तो पीवीयूएनएल प्रबंधन गंभीर नहीं है। लेकिन उसे छिपाने के लिए तुरंत सक्रिय हो जाते हैं। मीडिया के लोगों को भी दुर्घटना स्थल पर जाने से रोक दिया जाता है। इस प्रकार लगातार और विशेषकर 31जनवरी के दुर्घटना से सुरक्षा व्यवस्था के मानकों के घोर उल्लंघन तो दिखाई दे ही रहा है। साथ ही बहुत बड़ा सवाल खड़ा होता है कि प्लांट निर्माण में गुणवत्ता का कितना पालन किया गया? भविष्य में यहां काम करने वाले क्या सुरक्षित हैं और रहेंगे? बैठक में स्पष्ट कहा गया कि एजेंसियों की ओर से कम्पटीशन में 30-40 प्रतिशत बेलो जाकर टेंडर भरते हैं और एल-1 होकर काम लेते हैं। कहीं ना कहीं इसी व्यवस्था से काम का गुणवत्ता प्रभावित हुआ है। मांग किया गया कि पीवीयूएनएल व भेल के इस काम व्यवस्था पर उच्चस्तरीय जांच कराया जाए। यह भी मांग किया गया कि वर्तमान प्रबंधन के कार्यकाल में आए दिन दुर्घटनाओं के कारण पीवीयूएनएल में कार्यरत सभी मजदूर, कर्मचारी आज डरे और सहमें हुए हैं। इसका नैतिक जनवरी प्रबंधन को लेनी चाहिए। पीवीयूएनएल झारखण्ड सरकार और एनटीपीसी का जॉइंट वेंचर प्रतिष्ठान है। इसीलिए यह भी मांग किया गया कि यहां प्रबंधन एनटीपीसी के रुल का बखान न करें, सभी विस्थापित प्रभावित ग्रामीणों को आउट सोरसिंग कम्पनी में नौकरी के नाम पर ठगने छलने के बजाय पीवीयूएनएल रोल पर स्थाई नौकरी में बहाल किया जाए। बैठक में कुमेल उरांव, अब्दुल क्यूम अंसारी, मनु मुंडा, रामकुमार सिंह, संदीप उरांव, रवि कुमार, कौलेश्वर महतो, सतीश, सूरज, रिंकू देवी, उर्मिला देवी, अनीता, कविता, प्रीति, रमेश, शांति, पारिजात, कुशल, रोहित कुमार आदि शामिल थे।

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