
नर्स लवली कुमारी की मौत के बाद भड़का आक्रोश
रामगढ़ में नर्स लवली कुमारी की आत्महत्या के विरोध में आदिवासी समाज और परिजनों ने सुभाष चौक पर छह घंटे तक जाम लगाया। उन्होंने नर्सिंग होम संचालक पर हत्या का आरोप लगाया और प्रशासन से मुआवजे की मांग की। प्रदर्शनकारियों को समझाने के बाद जाम हटाया गया।
रामगढ़, एक प्रतिनिधि। नर्स लवली कुमारी की कथित आत्महत्या के विरोध में शनिवार को आदिवासी समाज और मृतका के परिजनों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने शव को सुभाष चौक पर रखकर करीब छह घंटे तक सड़क जाम कर दिया। जाम दोपहर लगभग 12 बजे से शाम छह बजे तक चला। जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप सा हो गया। इससे पहले सुबह ग्रामीण महिला-पुरुष और मृतका के परिजन कई वाहनों से चट्टी बाजार स्थित बरेलिया नर्सिंग होम पहुंचे। वहां उन्होंने नर्सिंग होम संचालक पर हत्या का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए सभी को नर्सिंग होम परिसर से बाहर भेजा।

इसके बाद सभी सुभाष चौक पहुंचे और शव के साथ सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जाम की सूचना पर एसडीओ अनुराग कुमार तिवारी, एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद, डीएसओ रंजीता टोप्पो, थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। वार्ता के लिए जामकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल रामगढ़ थाना पहुंचा। लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सुभाष चौक पर टायर जलाकर विरोध और तेज कर दिया। शाम को मृतका की मां सुनीता देवी पिपराबंडा ओरमांझी ने थाना प्रभारी को आवेदन सौंपते हुए बरेलिया नर्सिंग होम में कार्यरत अपनी बेटी की हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने 50 लाख रुपये मुआवजा, लॉज में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच, लवली के खाते में जबरन पैसा डालकर प्रताड़ित करने की जांच तथा धरना में शामिल लोगों पर किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने की मांग रखी। प्रशासनिक आश्वासन के बाद जाम हटाया जा सका। शहर का प्रमुख सुभाष चौक लगातार दो दिन जाम की चपेट में रहा। जिससे आम जनजीवन और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। गुरुवार को सोनू राम की हत्या के मामले में परिजन और दलित समाज के लोगों ने आश्रितों को मुआवजा व अन्य मांगों को लेकर करीब दो घंटे तक सुभाष चौक को जाम रखा। इस दौरान चौक से गुजरने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप रहा। वहीं शुक्रवार को बरेलिया नर्सिंग होम में कार्यरत नर्स लवली कुमारी की कथित आत्महत्या के मामले को लेकर परिजन और आदिवासी समाज के लोग सड़क पर उतर आए। इस दौरान सुभाष चौक पर लगभग छह घंटे तक आवागमन बाधित रहा। जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चौक बंद रहने से वाहन चालकों ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया। लेकिन दबाव बढ़ने से उन मार्गों पर भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। सुभाष चौक से बरकाकाना जाने वाले वाहन टायर मोड़ होकर सिरकंडेर बस्ती और बंजारी मंदिर मार्ग से गुजरने को विवश हुए, जबकि कई वाहन चालक नई सराय-अरगड्डा होते हुए गिद्दी के रास्ते आगे बढ़े। लगातार दो दिनों तक जाम की स्थिति बने रहने से यात्रियों और वाहन चालकों में नाराजगी देखी गई।

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