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18 जनवरी, 2021|7:42|IST

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हिन्दी साहित्य के पुरोधा थे कवि व्यथित: डॉ रमेश

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भुरकुंडा। निज प्रतिनिधि

कोयलांचल भुरकुंडा के जाने माने कवि ठाकुर रघुपति सिंह चौहान व्यथित की 100वीं जयंती पर झारखंड राष्ट्रभाषा परिषद ने गुरुवार को एला एंगलाइज स्कूल परिसर में काव्य गोष्ठी सह श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि डीएवी गिद्दी के प्राचार्य डॉ रमेश कुमार सिंह, वयोवृद्ध पत्रकार नाना तिवारी, डॉ गजाधर महतो प्रभाकर और कुलानंद पांडेय ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्जवलित कर किया। इसके पश्चात ठाकुर रघुपति सिंह चौहान की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। यहां पर हर वर्ष 31 दिसंबर को कवि व्यथित की जयंती के मौक पर काव्य पाठ का आयोजन किया जाता है। जिसमें क्षेत्र से काफी संख्या में कवि और साहित्य प्रेमी अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को गुलजार करते हैं।

-----पुस्तक का हुआ विमोचन----

इस दौरान डॉ गजाधर महतो प्रभाकर की पुस्तक खोरठा साहित्य का विमोचन भी हुआ। मौके पर डॉ रमेश कुमार सिंह ने कहा कि रघुपति सिंह चौहान को कोयलांचल के हिन्दी साहित्य का पुरोधा भी माना जाता है। अपनी लेखनी से उन्होंने संयुक्त बिहार में अपनी विशिष्ठ पहचान बनायी थी। यहां कुलानंद पांडेय ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात कवियों ने स्वरचित कविता का पाठ किया।

-----कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी-----

मौके पर अध्यक्षता नाना तिवारी, संचालन विजयंत कुमार और धन्यवाद ज्ञापन परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने किया। इस दौरान स्व सुरेंद्रनाथ अक्खड़ और स्व रणवीर राजकमल की याद में दो मिनट का मौन रख कर प्रार्थना की गयी। मौके पर अजीम अंसारी, सरोजकांत झा, स्वजीत सिंह, जीतेंद्र सिंह, अशोक सिंह, रवींद्र सिंह, विक्रम कुमार, मनोज कुमार सिंह, स्वजीत कुमार सिंह, जीतेंद्र सिंह, अशोक कुमार मिश्र, मुकेश राउत, कैलाश राम, विक्रांत कुमार, रवींद्र सिन्हा, कुणाल रंजन, अंशुमन आनंद आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:Poets aggrieved by Hindi literature Dr Ramesh