
झारखंड की शान है पतरातू डैम और पतरातू पिठोरिया की जलेबिया घाटी
पतरातू डैम तीन तरफ सुंदर पहाड़ियों से घिरा है और यह वर्षों से सैलानियों का आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। यहां पर पर्यटन केंद्र, चिल्ड्रन पार्क और नाविकों द्वारा बोटिंग का आनंद लिया जाता है। नए साल से पहले यहां पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगती है और झारखंड पर्यटन विभाग द्वारा म्यूजिकल फाउंटेन का निर्माण किया जा रहा है।
पतरातू निज प्रतिनिधि। तीन तरफ सुंदर पहाड़ियों से घिरा हुआ पतरातू डैम जो सैलानियों के लिए वर्षों से आकर्षण का केन्द्र है। अब यह देशभर के लिए मशहूर पिकनिक स्पॉट बनता गया है। क्योंकि सैलानी इस डैम के लुभावने दृश्य के अलावा पर्यटन विभाग की ओर से यहां पर बनाए गए पर्यटन केंद्र, चिल्ड्रन पार्क, पाथवे, जेटी को देखने के लिए सालों भर पहुंचते रहते हैं। सिर्फ पतरातू डैम ही नहीं यहां का लेक रिसॉर्ट और पलानी झरना रामगढ़ जिला के लिए ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड की शान है। दूसरी ओर इस वर्ष नवंबर माह के पहुंचते ही यहां पर प्रवासी साइबेरियन पक्षियों का झुंड पहुंच चुके हैं।

जो ठंड के समाप्त होने पर वापस लौट जाते हैं। दिसंबर के अंत तक तो डैम परिसर पिकनिक मनाने वालों की भीड़ से पटा होता है। संडे के दिन भी यहां पर खूब भीड़ भाड़ रहती है। डैम परिसर में वनभोज मनाने के लिए पूरे झारखंड से लोग सपरिवार यहां पहुंचते है। यहां पर वनभोज और नौकाबिहार का लुत्फ उठाते हैं। नए साल आने के पहले पतरातू डैम में सैलानियों की भीड़ जुटने लगती है। यहां पर सिर्फ राज्य के ही नहीं बल्कि देश और विदेश के कोने-कोने से सैलानी पहुंचकर सुकून महसूस करते हैं। लोग लाईफ जैकेट पहनकर डैम में बोटिंग का आनंद उठाते हैं। अब यहां पर सालों भर नाविक सैलानियों को लाईफ जैकेट पहनाकर बोटिंग कराते हैं। इससे पर्यटन विभाग के अलावा स्थानीय नाविकों के आमदनी में इजाफा हो गया है। लेकिन अब यहां पर क्रूज नहीं होने से सैलानी क्रूज देखने के लिए तरस गए हैं। क्योंकि यहां पर मौजूद क्रूज पिछले वर्ष ही कुंभ मेला के समय कुंभ मेला के लिए ले जाया गया जो फिर वापस नहीं लाया गया है। सुंदर वादियों से घिरा हुआ है पतरातू डैम: सुंदरवादियों से घिरा पतरातू डैम राजधानी रांची से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं यहां से जिला मुख्यालय रामगढ़ की दूरी मात्र 32, हजारीबाग 88 किलोमीटर है। यहां पर पहुंचने के लिए रामगढ़ से भुरकुंडा होते हुए जेएसपीएल के आगे पहुंचना होता है। वहीं रांची-पतरातू मुख्य मार्ग से यहां तक पहुंचने के लिए पिठौरिया होते हुए पहुंचा जा सकता है। इस बीच सैलानियों को पतरातू पिठौरिया घाटी के सुंदरवादियों का दृश्य देखने को मिलता है। जबकि पतरातू रेलवे स्टेशन की दूरी मात्र 6 किलोमीटर है।डैम के एक छोर पर एक छोटा-सा टापू है। जहां पर पर्यटन विभाग इसकी खूबसूरती को और चार चांद लगा दिया है। डैम के आठ विशाल जल निकासी फाटक, स्पील्वे और इसके निकट मां पंचबहनी मंदिर दर्शनीय है। इसके साथ ही रांची से पतरातू आने के क्रम में घाटियों का सुंदर परिदृश्य और सड़क देखने को मिलता है। वर्तमान में इन जलेबीनुमा सड़कों पर भी प्रतिदिन सैलानियों की भीड़ सेल्फी लेने के लिए जमा होती है।दूसरी ओर कुछ लोगों ने डैम के निकट और इसके आसपास दर्जनों निजी रेस्टूरेंट खोल रखा है। जहां पर लोग जाकर जायकेदार भोजन करते हैं।दूसरी ओर जलेबी नुमा और सर्पीली पिठौरिया घाटी को देखकर लोग अचंभित होते हैं। इन दिनों इस घाटी में बंदरों का झुंड वितरण करते रहते हैं जो सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बिंदु बन गया है। म्यूजिकल फाउंटेन पर्यटकों के लिए बनेगा आकर्षण का केंद्र: झारखंड पर्यटन विभाग की ओर से पतरातू डैम में लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए की लागत से म्यूजिकल फाउंटेन का निर्माण कराया जा रहा है। जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। जो पतरातू क्षेत्र वासियों और पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र होगा। ज्ञात हो कि झारखंड में पतरातू टूरिज्म के क्षेत्र में एक अलग ही स्थान रखता है। पतरातू घाटी, पतरातू डैम और पलानी झरना जहां सिर्फ भारतवर्ष के विभिन्न क्षेत्रों से पर्यटक ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के पर्यटक और सैलानी यहां पहुंचते हैं। यहां की खूबसूरती और सुंदरता का लुफ्त उठाते हैं। इसी क्रम में म्यूजिकल फाउंटेन भी पर्यटकों के लिए एक अपना अलग ही आकर्षण का केंद्र बनेगा। फाउंटेन निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। फिलहाल फाउंटेन निर्माण के लिए जेटी का कार्य हो रहा है।

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