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संविधान संशोधन से पंचायतों को मिला संवैधानिक दर्जा: कांग्रेस नेता

यह बात सोमवार को होटल मिलन में जिला कांग्रेस परिवार की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव बलजीत सिंह बेदी, प्रदेश प्रवक्ता सह सचिव शांतनु...

संविधान संशोधन से पंचायतों को मिला संवैधानिक दर्जा: कांग्रेस नेता
हिन्दुस्तान टीम,रामगढ़Tue, 18 Jun 2024 12:15 AM
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रामगढ़, निज प्रतिनिधि। स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने आजाद भारत की जो कल्पना की थी, वह आज तक नहीं हो सका है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सावित्रीबाई फुले सहित तमाम स्वतंत्रता सेनानियों ने देश में जिस जनतंत्र की कल्पना की थी। उस शासन व्यवस्था में समाज में बैठे अंतिम व्यक्ति की न केवल भागीदारी बल्कि हिस्सेदारी भी सुनिश्चित होती है। यह बात सोमवार को होटल मिलन में जिला कांग्रेस परिवार की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव बलजीत सिंह बेदी, प्रदेश प्रवक्ता सह सचिव शांतनु मिश्रा एवं जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान आदि ने संयुक्त रूप से कही। उन्होंने कहा कि इस सोच को जमीन पर उतरने के लिए जो व्यवस्था तैयार की गई उसका नाम पंचायती राज है। गांधी जी चाहते थे कि हमारे देश में त्रिस्तरीय शासन व्यवस्था हो। लोकसभा, विधानसभा और ग्रामसभा। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण ग्राम सभा है। यह सत्ता के विकेंद्रीकरण और आम जनमानस को देश की शासन व्यवस्था में सीधे तौर पर भागीदार बनाने का एक सोच था। दुर्भाग्य की बात है की आजादी के इतने वर्षों के बाद भी पूर्ण स्वराज की कल्पना को धरातल पर नहीं उतारा जा सका।

---पंचायती राज में चुने गए जनप्रतिनिधियों के पास कोई अधिकार नहीं

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी के अथक प्रयास के बाद उनके मरणोपरांत संविधान के 73वें और 74वें संशोधन से इस देश में पहली दफा पंचायतों को संवैधानिक दर्जा मिला। लेकिन उसके बाद राज्यों को जो कदम पंचायती राज को मजबूत और सशक्त किए जाने के लिए उठाना चाहिए था, वह नहीं किया गया। पंचायती राज व्यवस्था में चुनाव तो हो रहे हैं। सरपंच, मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद के पद पर जनप्रतिनिधि भी चुन के आ रहे हैं। लेकिन उनको कोई अधिकार नहीं है। जो अधिकार संवैधानिक रूप से उन्हें मिलनी चाहिए थे वे आज तक नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि गांव को यह अधिकार हो कि वह अपने विकास का निर्णय स्वयं ले सकें। आम जनता में इस चेतना के लिए यह ग्राम स्वराज यात्रा रामगढ़ के ऐतिहासिक धरती से शुरू की गई है। जो अपने पहले चरण में रामगढ़ विधानसभा के समस्त गांव में जाकर आम जनों को संगठित करने तथा एक जन आंदोलन खड़ा करने का प्रयास करेगी।

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