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गोला में हो रही रिमझिम बारिश से धान फसल बर्बाद, किसान चिंतित

गोला प्रखंड क्षेत्र में पिछले 18 घंटे से हो रही बेमौसम बारिश से धान की फसल पर संकट के बादल छा गए हैं। इस समय खेतों में धान की फसल पक चुकी...

गोला में हो रही रिमझिम बारिश से धान फसल बर्बाद, किसान चिंतित
हिन्दुस्तान टीम,रामगढ़Thu, 07 Dec 2023 12:00 AM
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गोला, निज प्रतिनिधि
गोला प्रखंड क्षेत्र में पिछले 18 घंटे से हो रही बेमौसम बारिश से धान की फसल पर संकट के बादल छा गए हैं। इस समय खेतों में धान की फसल पक चुकी है। अधिकतर किसान धान फसल की कटनी भी शुरु कर दी है। ऐसे में बारिश होने पर धान फसल की कटाई और उसकी मिंजाई का काम पूरी तरह से बाधित हो गया है। एक ओर बारिश नहीं होने से किसान धानरोपनी नहीं कर सके थे। वहीं दूसरी ओर धान की कटाई के समय बारिश होने से फसल को भारी नुकसान होने की संभावना है। प्रकृति की मार झेल रहे किसानों की आंखे छलक पड़े हैं। किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश से फसलों को बड़े पैमान पर नुकसान होने की संभावना है। पका धान भीगने के बाद समर्थन मूल्य में इसकी बिक्री संभव नहीं है। बेमौसम बारिश से प्रखंड क्षेत्र के किसान एक बार फिर से संकट में हैं। धान फसल के साथ किसानों को सब्जियों की फसल भी खराब होने की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है बदली छाए रहने और पानी से फसलों में कीड़े पनपेंगे। ऐसे मौसम में फसलों में दवा भी नहीं डाल सकते हैं। लगातार हो रही बारिश से धान के साथ सब्जियों की फसलों पर बुरा असर पड़ेगा। इसी तरह बारिश होते रहा तो खेतों में पानी भर जाने बोदी, परवर, पालक, फूलगोभी, बैगन समेत अन्य हरि सब्जियों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा।

सरलाकलां निवासी किसान बौंड़ी महतो ने कहा कि इस समय खेतों में टमाटर, पालक, फूलगोभी, बैगन व अन्य हरि सब्जियां तैयार हो चुकी है। जो बेमौसम बारिश के कारण बर्बाद हो रहा है। ऐसे में इस नुकसान की भरपाई कैसे हो पाएगी। राज्य कृषक सलाहकार रचिया महतो ने बताया कि किसानों ने उम्मीद की थी कि धान की कटाई और मिंजाई कर घरों में रखेंगे। लेकिन धान कटनी से पूर्व बारिश से किसानों के सपनों पर ग्रहण लग गया। इधर जलवायु परिवर्तन के कारण अब कीटों का प्रकोप बढ़ेगा। जिससे किसानों को भविष्य की चिंता सताने लगी है। सब्जी की खेती करने वाले पोखन महतो, जगेश्वर महतो, सुरेंद्र महतो ने बताया कि वे वर्षों से सब्जी की खेती कर रहे हैं। लेकिन बेमौसम बरसात ने परेशानी बढ़ा दी है। बदली छाए रहने से सब्जी की खेती में बीमारियां होने लगती है। किसानों में दवा का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है।

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