रामशोभा में व्यक्तित्व विकास पर ऑनलाइन वेबिनार
- वक्ताओं ने विस्तार से मुख्य बिन्दुओं पर डाला प्रकाश झारखंड, रामगढ़, शहर झारखंड, रामगढ़, शहर झारखंड, रामगढ़, शहर

रामगढ़, शहर प्रतिनिधि। रामशोभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बनखेता, चुट्टूपालू में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से "व्यक्तित्व विकास के मूल आधार" विषय पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन हुआ। इसका उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षुओं के व्यक्तित्व विकास के मूल आधारों को सुदृढ़ करना एवं उन्हें व्यावसायिक जीवन के लिए तैयार करना है। स्वागत में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ ज्योति वालिया ने कहा व्यक्तित्व विकास की मूल आधारशिला हमारे विचार, मूल्य और व्यवहार में निहित होती है। एक सशक्त व्यक्तित्व केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन, नैतिकता और सकारात्मक दृष्टिकोण से निर्मित होता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों के चरित्र, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है।
हमारा सतत प्रयास है कि हम प्रत्येक छात्र को ऐसा वातावरण प्रदान करें, जहां वह अपने भीतर की क्षमताओं को पहचान सके और उन्हें सशक्त रूप से विकसित कर सके। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की सहायक व्याख्याता डॉ. सुनीति बाला चंद्रा ने सभी का स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य वक्ता मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता एवं विशेषज्ञ हरकीरत कौर थीं। उन्होंने व्यक्तित्व विकास के विभिन्न महत्वपूर्ण आयामों-जैसे आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, प्रभावी संप्रेषण कौशल, समय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, भावनात्मक संतुलन एवं नैतिक मूल्यों-पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने प्रभावी अधिगम के विभिन्न तरीकों को भी साझा किया। जिनमें सक्रिय अधिगम, अनुभवात्मक अधिगम, सहभागितापूर्ण गतिविधियां, समूह चर्चा, आत्ममूल्यांकन एवं लक्ष्य निर्धारण की तकनीकें शामिल थीं। उन्होंने बताया कि निरंतर अभ्यास, आत्मचिंतन और व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से ही व्यक्तित्व का समग्र विकास संभव है। इस दौरान सभी प्रशिक्षुओं ने विभिन्न गतिविधियों, रोल प्ले, समूह कार्य एवं प्रस्तुतीकरण के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण के मूल तत्वों को समझा और आत्मसात किया। आईक्यूएसी समन्वयक अभिषेक कुमार पांडेय ने हमारा उद्देश्य केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखना नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सशक्त एवं प्रेरणादायक वातावरण तैयार करना भी है। जब संस्थान में गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार का समन्वय होता है, तभी विद्यार्थियों का व्यक्तित्व प्रभावशाली और नेतृत्वक्षम बनता है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक छात्र अपने भीतर की क्षमता को पहचानकर उसे उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर करें। ऑनलाइन कार्यक्रम का संचालन सहायक व्याख्याता प्रज्ञा आदित्य ने किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं की सक्रिय सहभागिता एवं उत्साह कार्यक्रम की विशेषता रही।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


