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गोला में छात्र की बेरहमी से पिटाई करने के मामले की अधिकारियों ने की जांच

हिन्दुस्तान टीम,रामगढ़Newswrap
Wed, 27 Oct 2021 11:30 PM
गोला में छात्र की बेरहमी से पिटाई करने के मामले की अधिकारियों ने की जांच

गोला। निज प्रतिनिधि

बरलंगा थाना क्षेत्र के उमवि सरगडीह के पारा शिक्षक कर्पूरी प्रमाणिक की पीटाई से कक्षा छह में अध्यनरत छात्र विवेक के आंखों में गंभीर चोट लगी थी।

यह मामला प्रकाश में आते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी सहित प्रखंड व पुलिस हरकत में आ गई हैं। इस मामले को लेकर बुधवार को बीडीओ संतोष कुमार, बीईईओ महाबीर पासवान, उपप्रमुख प्रकाश प्रभाष सिंह व मुखिया कपलेश्वर महतो ने स्कूल पहुंच कर पूरे मामले की गहन जांच की गई। घटना के बाद भयभीत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति महज 11 थी। बताया जाता है कि मंगलवार को उक्त पारा शिक्षक कक्षा छह के बच्चों का क्लास ले रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर किसी का फोन आया। वे क्लास से बाहर निकल गए। जिससे विद्यार्थी आपस में बातें करने लगे। थोड़ी देर बाद शिक्षक कक्षा में गए तो छात्रों का शोर सुन कर वे गुस्से में आ गए और बच्चों को शांत करने के लिए छड़ी से उनकी पिटाई शुरु कर दी। इसी क्रम में छड़ी टूट कर विवेक के आंख में घूस गया। जिससे छात्र की आंख गंभीर रुप से जख्मी हो गया। फिलहाल घायल छात्र के आंख का इलाज रांची में चल रहा है।

मामले की जांच करने पहुंचे अधिकरियों व जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय पहुंच कर वर्ग छह के छात्र-छात्राओं से पूछताछ कर सच्चाई को जानने का प्रयास किया। हालांकि आज बहुत कम महज 11 बच्चे ही स्कूल पहुंचे थे। अधिकारियों ने छात्रों से पूछताछ करने के बाद बताया कि शिक्षक के बाहर निकलने पर विद्यार्थी आपस में शरारत कर रहे थे। बच्चों को शांत करने के लिए पारा टीच ने डेस्क में छड़ी मारा, जिससे छड़ी टूट गया और छात्र के आंख में घूस गया। अधिकारियों ने बताया कि जिस डेस्क पर शिक्षक ने छड़ी को मारा था, उस डेस्क से करीब 10 से 12 फीट की दूरी पर घायल छात्र बैठा था। इससे पारा शिक्षक के गुस्से का अंदाजा सहजता पूर्वक लगाया जा सकता है। बीईईओ ने कहा है कि प्रथम दृष्टया पारा शिक्षक के हाथ में छड़ी थी। बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षकों को छड़ी के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी।

बीईईओ ने बताया कि विद्यार्थियों से पूछताछ की गई है। प्रधानाध्यापक अरुण बेदिया अनुपस्थित थे। जिसके कारण उनके पक्ष को नहीं लिया जा सका है। प्रधानाध्यापक को शिक्षकों पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा जल्द ही जांच रिपोर्ट को तैयार कर उपायुक्त व जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप देंगे। इधर कई स्थानीय लोगों ने प्रधानाध्यापक के क्रियाकलापों पर नाराजगी जताते हुए बताया कि जब इनका यहां पदस्थान हुआ है। पूरे विद्यालय की व्यवस्था चौपट हो गई है। बहाने बनाकर स्कूल से गायब रहना उनकी आदत में शुमार है। ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों की पिटाई करना गलत बात है। अध्यापकों को सोचना चाहिए था। अगर कोई बच्चा शरारत करता है तो उनके अभिभावकों को बुलाकर बच्चे की हरकतों की पहले जानकारी दे।

जांच में शामिल उपप्रमुख प्रकाश प्रभाष सिंह व मुखिया कपलेश्वर महतो ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सभी शिक्षकों से छात्रों को चोट न पहुंचाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने की अपील करते हुए कहा बच्चे के साथ जो हादसा हुआ है, उससे हम सब काफ दुखी हैं। बच्चे के आंखों में गंभीर चोटें आई हैं और उसे रांची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। शिक्षकों को अधिक धैर्य रखने की जरुरत है।

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