कामगारों को श्रम परवर्तन अधिकारी ने लेबर कोड के बताए फायदे
सीसीएल हजारीबाग के केदला वाशरी में श्रम परवर्तन अधिकारी ने चार नए लेबर कोड के बारे में बताया। नए कानून में न्यूनतम मजदूरी, महिला कामगारों के लिए समान वेतन, और ग्रैच्युटी का लाभ नौकरी के एक वर्ष बाद मिलेगा। यह बदलाव आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण होगा और रोजगार पैदा करने में मदद करेगा।

केदला, निज प्रतिनिधि। सीसीएल हजारीबाग कोयला प्रक्षेत्र के केदला वाशरी में बुधवार को वहां काम करने वाले कामगारों को हजारीबाग से आए श्रम परवर्तन अधिकारी रामकृष्ण भुइंया ने चार लेबर कोड के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि नए श्रम कानून में न्यूनतम मजदूरी की गारंटी, नौकरी के एक वर्ष बाद ही ग्रैच्युटी का लाभ, महिला कामगारों के लिए समान वेतन और सम्मान की गारंटी जैसे प्रमुख प्रावधान शामिल हैं। अब तक ग्रैच्युटी का लाभ पांच वर्ष की नौकरी पूरी होने के बाद ही कर्मचारियों को इसका लाभ मिल पाता था। ग्रैच्युटी किसी कंपनी में नौकरी छोड़ने पर मिलने वाली एकमुश्त राशि होती है।
श्रम संहिता लागू होने से आत्मनिर्भर भारत के लिए सुधारों को गति मिलेगी। यह बदलाव रोजगार पैदा करने में मदद करेगा। इसका मकसद एक सुरक्षित भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स और मजबूत उद्योग बनाना है। भारत के कई श्रम कानून आजादी से पहले और शुरुआती दौर में बनाए गए थे। नए श्रम संहिता से ओवरटाइम पर दोगुना वेतन, युवाओं को अनिवार्य नियुक्ति पत्र, महिलाओं के लिए समान वेतन और समान अवसर, देश के 40 करोड़ श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज, तय-अवधि वाले कर्मचारियों को एक वर्ष में ग्रेच्युटी का फायदा, 40 से ज्यादा उम्र के श्रमिकों का निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच सहित कई तरह के फायदे इस कानून से मिलने वाले हैं। मौके पर मुख्य रुप से क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक दुबे कुमार पटेल और उप प्रबंधक कार्मिक निशांत परमार, संजय तिर्की सहायक प्रबंधक एचआर, पीओ एनके झा सहित दर्जनों कामगार मौजूद थे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


