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पांच साल पुराने गोतिया विवाद का राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ निपटारा

पांच साल पुराने गोतिया विवाद का राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ निपटारा

संक्षेप:

रामगढ़ के मांडू थाना क्षेत्र में पांच वर्ष पूर्व दो गोतिया रिश्तेदारों के बीच विवाद राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से समाप्त हुआ। दोनों पक्षों ने समझौते के बाद मामलों का निपटारा किया। लोक अदालत में कुल 10,509 मामलों का निपटारा किया गया, जिससे पक्षकारों को मानसिक और आर्थिक राहत मिली।

Dec 14, 2025 12:10 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रामगढ़
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रामगढ़, एक प्रतिनिधि। मांडू थाना के वेस्ट बोकारो ओपी अंतर्गत एक गांव में करीब पांच वर्ष पूर्व दो नजदीकी गोतिया रिश्तेदारों के बीच उपजा विवाद आखिरकार राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से समाप्त हो गया। शनिवार को आयोजित लोक अदालत में दोनों पक्ष बेंच के समक्ष उपस्थित हुए। जहां समझौते के आधार पर लंबित मामलों का निपटारा संभव हो सका। विवाद की शुरुआत वर्ष 2020 में आपसी कहासुनी से हुई थी। जो आगे बढ़कर मारपीट में तब्दील हो गई। घटना में एक पक्ष के एक ही परिवार के तीन-चार लोग घायल हो गए थे। इस मामले में 3 दिसंबर 2020 को वेस्ट बोकारो ओपी में मारपीट सहित अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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अनुसंधान के दौरान भविष्य में पुनः विवाद और हिंसा की आशंका को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के विरुद्ध अनुमंडल पदाधिकारी रामगढ़ के न्यायालय में धारा 107 के तहत भी मामला दर्ज कराया गया था। इसके बाद दोनों पक्ष लगातार अनुमंडल न्यायालय में तारीखों पर उपस्थित होते रहे। वहीं एक पक्ष के आवेदन पर व्यवहार न्यायालय में भी मामला लंबित था। न्यायिक प्रक्रिया के कारण दोनों पक्षों का समय और आर्थिक संसाधन लगातार खर्च हो रहे थे। प्रथम पक्ष की एक महिला सदस्य सब्जी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करती है। जबकि उसके पति दिव्यांग हैं। दोनों परिवार मध्यम निम्न वर्ग से आते हैं। ऐसे में लंबी न्यायिक प्रक्रिया उनके लिए बोझ बनती जा रही थी।स्थिति को समझते हुए अंततः दोनों पक्षों ने लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का निर्णय लिया। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर सौहार्दपूर्ण बातचीत के बाद दोनों पक्ष समझौते पर पहुंचे और वर्षों पुराना विवाद समाप्त हो गया।इस निपटारे के साथ न केवल दोनों परिवारों को मानसिक और आर्थिक राहत मिली। बल्कि सामाजिक संबंधों में भी सुधार की उम्मीद जगी है। यह मामला दर्शाता है कि राष्ट्रीय लोक अदालत किस तरह से लंबे समय से लंबित मामलों के त्वरित, सुलभ और शांतिपूर्ण निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। - राष्ट्रीय लोक अदालत में 10,509 मामलों का निपटारा, 6.36 करोड़ रुपये की हुई समझौता राशि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 10,509 मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। इनमें न्यायालयों में लंबित 820 मामलों का निपटारा कर 1 करोड़ 71 लाख 55 हजार 721 रुपये की समझौता राशि तय की गई, जबकि प्री-लिटिगेशन एवं बैंक से संबंधित 9,689 मामलों के निपटारे में 4 करोड़ 64 लाख 64 हजार 374 रुपये की समझौता राशि निर्धारित की गई। इस प्रकार कुल 6 करोड़ 36 लाख 20 हजार 95 रुपये की समझौता राशि तय हुई। लोक अदालत के सफल आयोजन से पक्षकारों को त्वरित न्याय मिला और न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ में उल्लेखनीय कमी आई। वादों के शीघ्र निपटारे एवं पक्षकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुल सात बेंचों का गठन किया गया था।लोक अदालत में क्रिमिनल सुलहनीय वाद, भू-अधिग्रहण वाद, कैंटोनमेंट बोर्ड से जुड़े मामले, बिजली अधिनियम के वाद, क्रिमिनल रिवीजन व अपील, मोटर वाहन दावा वाद, सर्टिफिकेट वाद, वन एवं उत्पाद शुल्क वाद, एनआई एक्ट के वाद, पारिवारिक विवाद तथा प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई हुई। इसके अलावा बैंक, बीमा, दूरभाष, कंज्यूमर फोरम एवं अनुविभागीय न्यायालय से संबंधित मामलों का भी निपटारा किया गया।