मंडा परब हमारी संस्कृति और एकता का प्रतीक: ब्रह्मदेव
दुलमी प्रखंड के हरहद कण्डेर में मंडा पूजा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि ब्रह्मदेव महतो और विशिष्ट अतिथि सुधीर मंगलेश ने पूजा का उद्घाटन किया। महतो ने इसे संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बताया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और साहस का प्रदर्शन किया।

दुलमी, निज प्रतिनिधि। दुलमी प्रखंड के हरहद कण्डेर में आयोजित मंडा पूजा में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व जिप अध्यक्ष ब्रह्मदेव महतो व विशिष्ट अतिथि दुलमी प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष सुधीर मंगलेश ने संयुक्त रूप से फीता काटकर उद्घाटन किया। मंडा पूजा समिति ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ब्रह्मदेव महतो ने कहा कि मंडा परब हमारी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति अटूट संबंध का प्रतीक है। यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों की विरासत, हमारी पहचान और हमारी एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर हम जल, जंगल और जमीन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हैं।विशिष्ट
अतिथि 20 सूत्री अध्यक्ष सुधीर मंगलेश ने कहा कि मंडा परब में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। भोक्तागण दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी श्रद्धा और साहस का परिचय देते हैं और वनसझुला झूलते हैं। कई स्थानों पर भक्तगण पीठ में कील ठोककर वनसझुला झूलते हुए अपनी अटूट भक्ति और परंपरा का प्रदर्शन करते हैं। हमारे पूर्वजों ने हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की सीख दी है। आज के आधुनिक दौर में भी हमें अपनी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को सहेजते हुए आगे बढ़ना चाहिए। मौक पर ठाकुरदास महतो, राजेश प्रजापति, अभय सिंह, कमलेश प्रजापति, हीरालाल मुंडा, प्रदीप बेदिया, सुनील राम, महेश महतो सहित दर्जनों महिला पुरुष उपस्थित थे।
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