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हुजूर ताजुश्शरिया ने दिया अमन और शांति का पैगाम

हुजूर ताजुश्शरिया ने दिया अमन और शांति का पैगाम

पीरी मदरसा में इस्लाहुल मुस्लेमीन नौजवान कमेटी के द्वारा रविवार को ताजुश्शरिया अलामा अख्तर रजा खान अजहरी मियां के इसाले सवाब के लिए कुरआनख्वानी और जलसे का आयोजन किया गया। मौलाना अब्दुल जिलानी रिजवी ने कुरआन-ए-पाक के तिलावत से जलसे का आगाज किया। इसके बाद तकरीर पेश करते हुए मौलाना अब्दुल जिलानी रिजवी ने बताया कि देश में अमन और शांति का पैगाम देने वाले हुजूर ताजुश्शरिया उर्फ अजहरी मियां भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं किंतु उन्होंने कॉम को अमन और शांति का पैगाम दिया था। इस्लामी दुनिया की सबसे प्राचीन और बड़ी विश्वविद्यालय जामिया अजहर काहिरा से तालीम हासिल करते हुए टॉपर बने और मिस्र के राष्ट्रपति कर्नल अब्दुल नासिर के हाथों फखरे अजहर अवार्ड से नवाजा गया था। वे इल्म के समंदर थे। हुजूर ताजुश्शरिया ने अरबी, उर्दू, अंग्रेजी, फारसी में इस्लामिक कि काफी किताबें लिखी। बहुत सारी किताबों का तर्जुमा किया था। हुजूर ताजुश्शरिया हमेशा आतंकवादी गतिविधियों का विरोध करते थे उन्होंने सूफीवाद विचारधारा से कौम को जोड़ने का काम किया था। गौरतलब हो कि हुजूर ताजुश्शरिया अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रजा खान आला हजरत इमाम अहले सुन्नत अहमद रजा फाजिले बरेलवी के पुत्र थे। मौलाना आलम नूरी ने मरतबा कितना आला अख्तर रजा आपका..., चेहरे लगे सुहाना मेरे अजहरी मियां का.., दुनिया का सुन्नियत का ताज चला गया.., सज गई महफिले मुस्तफा का.., या नबी नजरे करम फरमाना.., आया आमना का प्यारा.. आदि नात पेश कर उपस्थित लोगों को झूमा दिया। इसे सफल बनाने में इंतकाबुल कादरी, नदीम अनवर, मो सद्दाम, मो आजाद, मेराज अंसारी, मकदुम साबरी, सलाउद्दीन अंसारी, मो जावेद, शरफराज अंसारी, अली हसन, असगर अंसारी, ताजुद्दीन अंसारी, इबरार आलम, मंजर अंसारी आदि शामिल थे।

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  • Web Title:Hujoor Tazushishria gave the message of peace and peace