देवपूजन, संस्कार व भंडारे के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

देवपूजन, संस्कार व भंडारे के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

संक्षेप:

रामगढ़ के गायत्री मंदिर में भव्य दीप महायज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शामिल हुई। यज्ञ के माध्यम से मानवता के उत्थान और समाज निर्माण का संदेश दिया गया। गायत्री महामंत्र का जप आत्मशुद्धि और सकारात्मकता का साधन है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों ने सेवा भावना की सराहना की और शुभकामनाएं दीं।

Nov 05, 2025 09:05 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रामगढ़
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रामगढ़, निज प्रतिनिधि। गायत्री मंदिर रामगढ़ में आरंभ हुआ भव्य और दिव्य दीप महायज्ञ देव पूजन, विभिन्न संस्कारों और अखंड भंडारे के साथ श्रद्धा और उल्लासपूर्ण वातावरण में बुधवार को सम्पन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, वहीं वातावरण गायत्री मंत्र और वैदिक स्तोत्रों के गूंज से आध्यात्मिक हो उठा। इस आयोजन में शांतिकुंज प्रतिनिधि शांतनु तिवारी, हीरालाल प्रसाद, चमतु महतो, दिगेंद्र कुमार और अरुण प्रसाद का सराहनीय योगदान रहा। प्रतिनिधियों ने अपने प्रवचनों में कहा कि यज्ञ के माध्यम से मानव में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण तभी संभव है जब व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से आगे बढ़े।

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उन्होंने यह भी बताया कि गायत्री महामंत्र के जप से समस्त प्रकार की समस्याओं का समाधान संभव है, क्योंकि यह मंत्र आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का सशक्त माध्यम है। रामगढ़ गायत्री परिवार की ओर से महेश मिश्र, गीता सिंह, रेणु देवी, मंजु देवी, सुनीता देवी, मीरा देवी, लालती देवी, साधना पांडे, ज्योति कुमारी, चिंता देवी, राम पुकार शर्मा, रतन शर्मा, सुशीला देवी, सोनिया देवी, इंदु देवी, शिला देवी, मधु देवी और सरिता देवी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने निष्ठा और भावपूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के अंतर्गत जिला संयोजक राजकुमार स्वर्णकार और सरिता स्वर्णकार की आध्यात्मिक रजत जयंती भी पूरे हर्ष और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित जनों ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और उनकी सेवा भावना की सराहना की। दोपहर में देवों को विधिवत विदाई दी गई, जिसके साथ ही यह दिव्य आयोजन संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे यज्ञ की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए समाज में सद्भाव, सेवा और संस्कार के दीप जलाते रहेंगे।