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श्री गुरुनानक देव के प्रकाश उत्सव में गूंजे श्रद्धा के स्वर, कीर्तन दरबार में निहाल हुई साध-संगत

श्री गुरुनानक देव के प्रकाश उत्सव में गूंजे श्रद्धा के स्वर, कीर्तन दरबार में निहाल हुई साध-संगत

संक्षेप: रामगढ़ में श्री गुरु सिंह सभा द्वारा श्री गुरुनानक देव महाराज का पावन प्रकाश उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में कीर्तन, शबद गायन और लंगर का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरु नानक के उपदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

Wed, 5 Nov 2025 09:10 PMNewswrap हिन्दुस्तान, रामगढ़
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रामगढ़, निज प्रतिनिधि। श्री गुरु सिंह सभा, रामगढ़ की ओर से श्री गुरुनानक देव महाराज का पावन प्रकाश उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। उत्सव की शुरुआत प्रातः गुरुद्वारा साहिब में दीवान सजाने के साथ हुई, जिसमें भाई सरबजीत सिंह और भाई लवप्रीत सिंह ने मधुर शबद गायन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके उपरांत अखंड पाठ का समापन किया गया। प्रकाश उत्सव के अवसर पर श्री गुरुनानक पब्लिक स्कूल के श्री गुरु गोविंद सिंह ऑडिटोरियम में भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया, जो दोपहर तक चलता रहा। कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों ने भावपूर्ण शबद गायन प्रस्तुत कर साध-संगत को निहाल कर दिया।

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इसके बाद दुर्ग से पधारे भाई सरबजीत सिंह रंगीला और लुधियाना के भाई बलप्रीत सिंह ने सिख इतिहास पर आधारित कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कीर्तन दरबार के उपरांत गुरु का अटूट लंगर साध-संगत के बीच वितरित किया गया, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम साढ़े आठ बजे गुरुद्वारा साहिब में पुनः कीर्तन दीवान सजाया गया, जिसमें भाई सरबजीत सिंह रंगीला और भाई बलप्रीत सिंह ने एक बार फिर अपनी भक्ति-भावनाओं से सभी को भाव-विभोर कर दिया। गुरु का अटूट लंगर रात्रि दीवान के बाद भी जारी रहा। पूरे दिन श्रद्धा, भक्ति और सेवा की अद्भुत छटा देखने को मिली। साध-संगत ने गुरु नानक देव के उपदेशों-‘नाम जपो, किरत करो, वंड छको’-को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कीर्तन दरबार में गुरुद्वारा साहिब के प्रधान परमदीप सिंह कालरा, मीत प्रधान अमरजीत सिंह सैनी, हैप्पी छाबड़ा, सेक्रेटरी हरदीप सिंह होरा, खजांची रघुवीर सिंह छाबड़ा, जोगेंद्र सिंह जग्गी, तेजेंद्र सिंह सोनी, सुरजीत सिंह छाबड़ा, डॉ. नरेंद्र सिंह सोनी, विंकल कालरा, राजा कालरा, गुरदीप सिंह सैनी, कमल जस्सल, गुरजीत सिंह सलूजा, त्रिलोचन सिंह जैसल, हरजीत सिंह छाबड़ा, कंवलजीत सिंह लांबा, मनप्रीत कौर सैनी, शरण कौर छाबड़ा, बलविंदर कौर पवार, रोमी छाबड़ा, सोनम कालरा, लवली लांबा, बिटू सिंह चंडोक, रविंद्र सिंह छाबड़ा बिटी, हरजाब सिंह, मनमोहन सिंह लांबा, हरपाल सिंह अरोड़ा, सुरिंदर पाल सिंह चंडोक, कुलजीत सिंह कालरा, वरिंदर सिंह चंडोक, गुरप्रीत सिंह जॉली, नरेंदर पाल सिंह गुजराल, पुषविंदर पाल सिंह, कुलजीत सिंह छाबड़ा, गुरदीप सिंह सैनी, सतिंदर सिंह होरा, विक्रमजीत सिंह कोहली, गुरप्रीत सिंह चाना, रमन बेदी एवं करमजीत सिंह जग्गी सहित भारी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित थे।