विकास को लेकर डेढ़ वर्षों से पंचायतों को नहीं मिली फंड

Dec 06, 2025 11:21 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रामगढ़
share

रामगढ़ जिले में पिछले डेढ़ वर्षों से पंचायतों को विकास के लिए फंड नहीं मिल रहा है। इससे पंचायत स्तर पर विकास कार्य ठप हो गए हैं। जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से फंड की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया है। पंचायतों को औसतन 10 लाख रुपए मिलते थे, लेकिन अब ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है।

विकास को लेकर डेढ़ वर्षों से पंचायतों को नहीं मिली फंड

रामगढ़, शहर प्रतिनिधि। भारत देश की आत्मा गांवों में बसती है। क्योंकि अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में ही निवास करती है। इसे लेकर देश और प्रदेश की सरकार का गांव पर विशेष फोकस होता है। इसे लेकर सामांतर गांव की सरकार भी गठन किया जाता है। झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायती राज की व्यवस्था है। इसके तहत जिलास्तर पर जिला परिषद, प्रखंड स्तर पर पंचायत समिति सदस्य और पंचायत स्तर पर मुखिया और वार्ड का गठन होता है। इसे मजबूती प्रदान करने के लिए सरकारी स्तर पर फंड की भी व्यवस्था होती है। लेकिन संपूर्ण झारखंड सहित रामगढ़ जिला में पिछले डेढ़ वर्षों से पंचायतों की विकास को लेकर फंड नहीं मिला है।

इस कारण पंचायत स्तर पर विकास कार्य बिल्कुल ठप हो गया है। पीसीसी, नाली, कुंआ जैसी महत्वपूर्ण कार्य बंद है। फंड की मांग को लेकर कई बार आंदोलन हो चुका है। इसके तहत त्रिस्तरीय पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों ने प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर धरना प्रदर्शन किया। इसके माध्यम से राज्य सरकार से गांव की सरकार को फंड देने का मांग हुआ। साथ ही सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान भी पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्यक्रम में शिरकत किया। साथ ही लगातार विभिन्न माध्यमों से सरकार के समक्ष विरोध जताया जा रहा है। क्षेत्र में घूमना हो गया है दूभर : व्यास पांडेय पतरातू प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष सह सुंदरनगर पंचायत मुखिया व्यास पांडेय ने कहा कि जन सेवा का दृढ़ उद्देश्य के साथ मुखिया का चुनाव लड़ा था। इस दौरान क्षेत्र की विकास को लेकर कार्य करने का जज्बा लिया रणनीति बनाया। लेकिन डेढ़ वर्ष से सरकार ने पंचायतों का फंड रोक दिया है। इस कारण क्षेत्र में घूमना मुश्किल हो गया है। आमलोगों का कोई भी कार्य करने में हमलोग खुद को असमर्थ पा रहे हैं। बताया कि प्रत्येक वर्ष पंचायतों को अपने क्षेत्र की विकास के लिए औसतन 10 लाख रुपए मिलते हैं। जिससे राज्य की बड़ी आबादी डेढ़ वर्षों से वंचित है। पंचायतों को फंड नहीं मिलना राज्य स्तरीय मामला है। इसलिए जिला स्तर से इसमें कुछ नहीं किया जा सकता है। प्रदेश से फंड आते ही पंचायतों को राशि आवंटित की जाएगी। इसके बाद पहले की भांति विकास कार्य पंचायतों में दिखेगा। -निशा कुमारी सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, रामगढ़।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।