जंग की तपिश : तेल आपूर्ति संकट से जिले में कई पेट्रोल पंप बंद, कर्मचारियों पर रोजी-रोटी का संकट

हिन्दुस्तान, रामगढ़
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जंग की तपिश : तेल आपूर्ति संकट से जिले में कई पेट्रोल पंप बंद, कर्मचारियों पर रोजी-रोटी का संकट

रामगढ़, एक प्रतिनिधि।रामगढ़ जिले में ईंधन आपूर्ति को लेकर स्थिति अब धीरे-धीरे चिंताजनक होती जा रही है। जहां कुछ दिन पहले तक शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर स्थिति सामान्य बताई जा रही थी। वहीं अब जिले के कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक खत्म होने के कारण वे बंद पड़े हैं। इससे सिर्फ आम उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं हो रही है। इन पंपों पर कार्यरत कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। बंद पड़े पेट्रोल पंपों के संचालकों का कहना है कि उन्हें पेट्रोलियम कंपनियों से पर्याप्त मात्रा में तेल की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।

नियमित उठाव के मुकाबले अब उन्हें करीब आधी मात्रा ही दी जा रही है। ऐसे में स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है और पंपों को मजबूरी में बंद करना पड़ रहा है। संचालकों के अनुसार मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। पंप संचालकों ने बताया कि कंपनी की नई आपूर्ति प्रणाली के तहत पहले स्टॉक का मिलान किया जाता है। उसके बाद ही तेल उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही कई तकनीकी और भुगतान संबंधी शर्तों के कारण समय पर तेल मिलना और मुश्किल हो गया है। इस स्थिति में पंप संचालित करना उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। स्थिति का सबसे ज्यादा असर पेट्रोल पंपों पर काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ रहा है। पंप बंद होने के कारण उनकी आय पर सीधा असर पड़ा है। कई कर्मचारियों को यह चिंता सता रही है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उनकी नौकरी पर भी संकट आ सकता है। परिवार के भरण-पोषण को लेकर वे असमंजस की स्थिति में हैं। पंप संचालकों का कहना है कि वे कर्मचारियों के वेतन में कटौती नहीं कर सकते, क्योंकि इससे उनकी जीविका प्रभावित होगी। लेकिन दूसरी ओर आय कम होने और खर्च बढ़ने से उन्हें आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बिजली बिल, रखरखाव और अन्य खर्च पहले की तरह ही हैं। जबकि आमदनी घट गई है। ऐसे में लंबे समय तक इस स्थिति को संभाल पाना मुश्किल हो सकता है। इस संकट के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात और बीच-बीच में हो रहे सीजफायर के बावजूद अनिश्चितता बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर तेल और एलपीजी की आपूर्ति कब तक सामान्य होगी इसे लेकर कोई स्पष्ट समय सीमा फिलहाल सामने नहीं आ रही है। इसका असर स्थानीय स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। डीजल की कमी के कारण कई वाहनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। हालांकि कुछ पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में ईंधन उपलब्ध है। लेकिन मांग अधिक होने के कारण वह जल्दी खत्म हो जा रहा है।जानकारों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति और परिवहन पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा है। जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में आई कमी ने पेट्रोल पंप संचालकों से लेकर कर्मचारियों तक सभी को प्रभावित किया है। जहां एक ओर कारोबार ठप पड़ने की कगार पर है। वहीं दूसरी ओर आम लोगों और कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि वैश्विक हालात कब स्थिर होते हैं और ईंधन आपूर्ति कब तक सामान्य हो पाती है।फोटो 51 डीजल लेने के लिए पेट्रोल पंप के बाहर खड़ा ट्रक

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