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न्यायिक हिरासत में भेजे गए राहगीरों को लूटने वाले चार अपराधी

पांच दिन के अंतराल पर लूटपाट की दो घटनाओं को अंजाम देने वाले चार अपराधी गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेजे...

न्यायिक हिरासत में भेजे गए राहगीरों को लूटने वाले चार अपराधी
हिन्दुस्तान टीम,रामगढ़Fri, 23 Feb 2024 02:00 AM
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भुरकुंडा, निज प्रतिनिधि। भुरकुंडा थाना क्षेत्र में पांच दिन के अंतराल पर लूटपाट की दो घटनाओं को अंजाम देने वाले चार अपराधी गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेजे गए। इसमें गिद्दी ए निवासी विशाल कुमार, कुलदीप सिंह और रेलिगढ़ा निवासी राहुल करमाली व दीपक कुमार सिंह शामिल हैं। इन्हें रामगढ़ जिला पुलिस की टीम ने हजारीबाग जिला के गिद्दी थाना क्षेत्र से छापामारी कर गिरफ्तार किया है। गुरुवार को भुरकुंडा ओपी में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पतरातू एसडीपीओ बिरेंद्र कुमार राम ने बताया कि 16 फरवरी की रात भुरकुंडा सीएचपी मार्ग में जवाहरनगर निवासी उमेश राणा के साथ बाइक सवार तीन अपराधियों ने लूटपाट की थी। वहीं 20 फरवरी को भुरकुंडा रिवर साईड पीओ ऑफिस के समीप दूसरी घटना हुई। रात्रि तकरीबन साढ़े 8 बजे मनीष राजभर के साथ भी तीन बाइक सवार अपराधियों ने लूटपाट के बाद मारपीट की। दोनों घटनाओं में बहुत समानता थी, जैसे घटना का समय, एक बाइक पर तीन लोग और लूटपाट के बाद पिस्टल जैसी वस्तु से चेहरे पर वार करना। आगे एसपी पीयूष पांडेय ने पतरातू सर्किल इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया, जिसने बुधवार को गिद्दी व रेलिगढ़ा में छापा मार कर उक्त चारों अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से घटना में प्रयुक्त होंडा कंपनी की बाइक जेएच24एल-2529 के साथ एक एयर गन, दो भुजाली और लूटा गया दो मोबाइल फोन बरामद हुआ। छापामारी दल में इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह, बरकाकाना में पदास्थापित पुअनि विकास आर्यन, भुरकुंडा ओपी के सअनि पूरन सिंह, प्रदीप दुबे, सामंत दास, भदानीनगर ओपी के सअनि संतोष सिंह व बासल के सअनि प्रभात कुमार के अलावा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

-- एयरगन भिड़ा कर देते थे गोली मारने की धमकी

राहगीरों को लूटने वाले अपराधी एयरगन का इस्तेमाल कर रहे थे, जो दिखने में पिस्तौल की तरह ही होता है। लूटपाट के दौरान अपराधी इसे पिस्तैाल के अंदाज में भिड़ा कर गोली मारने की धमकी देते थे। यही नहीं, दोनों राहगीरों को लूटने के बाद अपराधियों ने इसी एयरगन के बट से मार कर उन्हें चोटिल भी किया था।

-- रात को अकेले चलने वालों को पहले ताड़ते थे अपराधी

हजारीबाग जिला के गिद्दी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार हुए अपराधी रात को रिवर साईड आते थे। इसके बाद इनका काम आसान शिकार चुनना होता था। इसके लिए ये बाइक पर इलाके का राउंड लगा कर राहगीरों को ताड़ते थे। 16 फरवरी की रात रिवर साईड पीओ ऑफिस बस से उतरे उमेश राणा का इन्होंने पीछा किया और सुनसान सीएचपी मार्ग में घटना को अंजाम दिया। ठीक इसी प्रकार 20 फरवरी की रात मनीष राजभर इनका शिकार बना।

-- एक बाइक पर तीन ही निकलते थे शिकार पर

राहगीरों को शिकार बनाने के लिए एक बाइक पर तीन ही अपराधी निकलते थे। 16 फरवरी की रात हुई घटना में शामिल एक अपराधी 20 फरवरी की रात टीम में नहीं था। उसकी जगह दूसरा युवक टीम का हिस्सा बना। गिरफ्तार सभी अपराधियों की उम्र 27 से 34 वर्ष के बीच है। अब पुलिस इनका आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है।

-- बाइक के नंबर व मोबाइल लोकेशन से पकड़े गए अपराधी

लूट की घटना को अंजाम देने वाले अपराधी बाइक के नंबर और मोबाइल के लोकेशन की वजह से पकड़े गए। लूटपाट के दौरान पीड़ित मनीष राजभर ने बाइक का नंबर याद कर लिया था, जिसकी बिनाह पर पुलिस को अपराधियों का सुराग मिला। वहीं लूटे गए मोबाइल के ऑन होने पर पुलिस के टेक्निकल सेल ने अपराधियों का लोकेशन ट्रेस कर लिया, जिससे वे पकड़े गए।

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