श्री श्याम मंदिर का प्रथम वार्षिकोत्सव श्रद्धा व भक्ति के साथ प्रथम दिवस संपन्न
रामगढ़ में नेहरू रोड स्थित रामगढ़ नरेश श्री श्याम मंदिर का प्रथम वार्षिकोत्सव श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में पाठक रोहित शर्मा ने भक्तिपूर्ण गीत गाए, जिसमें 400 महिलाओं ने श्रद्धा से भाग लिया। विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण शामिल था।

रामगढ़, निज प्रतिनिधि। नेहरू रोड स्थित रामगढ़ नरेश श्री श्याम मंदिर का दो दिवसीय प्रथम वार्षिकोत्सव बुधवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम के साथ मनाया गया। जबकि, गुरुवार को मंदिर प्रांगण में कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस पावन अवसर पर कोलकाता से पधारे प्रसिद्ध पाठक रोहित शर्मा उर्फ ‘जिमी’ ने सुमधुर स्वर में श्री श्याम ज्योति का पाठ किया, जिससे समूचा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम बाबा श्री श्याम की विधिवत पूजा-अर्चना और ज्योति प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात गणेश वंदना के बाद श्री श्याम ज्योति पाठ आरंभ किया गया। विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं लगभग 400 महिलाएं, जिन्होंने एक साथ बैठकर पूरे श्रद्धाभाव से श्याम ज्योति का पाठ किया।
यह दृश्य अत्यंत मनोहारी और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। श्याम ज्योति पाठ में बाबा श्री श्याम की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। इस पाठ को पूर्ण शुद्धता और नियमों के साथ करने का विशेष महत्व बताया गया। बताया गया कि प्रतिदिन एक पाठ करने से सात दिनों में पाठ पूर्ण होता है, किंतु विशेष अवसर पर यह पाठ पूरे दिन चलकर एक ही दिन में पूर्ण किया गया। शुद्ध घी और अखंड दीप के साथ आवश्यक मनोकामना को तीन बार दोहराकर जब पाठ आरंभ किया जाता है, तो श्रद्धालुओं की कामनाएं पूर्ण होती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंदिर अथवा सार्वजनिक स्थान पर अखंड ज्योति का पाठ ब्राह्मण के मुखारविंद से श्रवण करना अत्यंत फलदायी होता है। जिन वंशों में श्री श्याम बाबा कुल देवता हैं, उनके लिए यह अनिवार्य बताया गया कि समस्त परिवार एकत्र होकर ब्राह्मण की ओर से अखंड ज्योति का पाठ कराएं, जिससे रोगी और मृत्यु शय्या पर पड़े प्राणी को पाठ श्रवण कराने से घर-परिवार के कष्ट दूर होते हैं। पाठ के दौरान धूप-दीप का प्रयोग आवश्यक बताया गया और यह भी कहा गया कि निरंतर तीन वर्षों तक अखंड ज्योति का पाठ करने से वचन सिद्ध होते हैं और श्याम बाबा का आदेश स्वयं सुनाई देने लगता है। धार्मिक नियमों के अनुसार पाठकर्ता को दान ग्रहण करने का अधिकार नहीं होता, वह केवल इनाम स्वीकार कर सकता है। दान केवल श्री श्याम बाबा के पंडित ही ग्रहण करते हैं-इस प्रकार बाबा की महिमा का विस्तृत वर्णन किया गया। कार्यक्रम के साथ-साथ नृत्य नाटिका का भी आयोजन किया गया, जिसमें बाबा श्री श्याम की छवि को अत्यंत मनमोहक ढंग से प्रस्तुत किया गया। श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर दरबार में कतारबद्ध खड़े रहे और अखंड ज्योति के दर्शन कर उसमें घी अर्पित कर अपनी आस्था प्रकट की। श्याम दरबार को भव्य रूप से सजाया गया था। इस अवसर पर विष्णु पोद्दार, संजय अग्रवाल (मथुरा वाले), मुकेश बोंदिया, ऋषभ पटवारी और रितिक परशुरामपुरिया ने सपरिवार अर्चना कर ज्योति प्रज्वलन किया। साथ ही पाठ के यजमान बने। श्री श्याम सेवा ट्रस्ट के सभी सदस्य पूरे आयोजन में सक्रिय रूप से जुटे रहे। आयोजन की जानकारी देते हुए बताया गया कि गुरुवार को भी कार्यक्रम जारी रहेगा, जिसमें भजन-कीर्तन, हनुमान चालीसा पाठ सहित अनेक धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे। सायंकाल बाबा को चूरमा की खिचड़ी का भोग अर्पित किया गया। तत्पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया। विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा कि बाबा का द्वार श्री जगन्नाथ मंदिर के स्वरूप में सजाया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

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