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धान की महक से गांवों की तरफ खिंचे चले आते हैं हाथी, फसलों को करते हैं बर्बाद

खेतों में धान की फसल पकते ही जंगली हाथी महक से उनकी तरफ खींचे चले आते हैं। कई किलोमीटर दूर से ही हाथी अपनी भोजन की महक सूंघ सकते...

धान की महक से गांवों की तरफ खिंचे चले आते हैं हाथी, फसलों को करते हैं बर्बाद
हिन्दुस्तान टीम,रामगढ़Mon, 11 Dec 2023 12:30 AM
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रामगढ़, प्रतिनिधि
खेतों में धान की फसल पकते ही जंगली हाथी महक से उनकी तरफ खींचे चले आते हैं। कई किलोमीटर दूर से ही हाथी अपनी भोजन की महक सूंघ सकते हैं। इसी कारण गांवों में लगे धान को वो सूंघते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ आ जाते हैं। जिस कारण अक्सर हाथी खेतों के आस-पास बसे मानव बस्तियों को भी निशाना बनाते हैं। जिसमे कुछ लोग जान भी गंवा देते हैं। सिमडेगा में शुक्रवार की शाम हाथी ने दो महिलाओं को पटक कर मार डाला। रामगढ़ जिले में भी अक्सर हाथियों का तांडव देखने को मिलता है। जो कि खासकर गोला व दुलमी प्रखंड के सुदूरवर्ती इलाकों में अपना भय फैला कर रखते हैं। इस कारण लोगों के बीच हमेशा भय का माहौल बना रहता है। खेतों में हाथियों के घुस जाने से किसानों की फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचता है। अभी एक माह पूर्व ही गोला में हाथियों ने कई एकड़ भूमि में लगे फसलों को खाने के साथ रौंद कर बर्बाद कर दिया। साथ ही दर्जनों घरों को भी क्षतिग्रस्त किया था। हाथियों के आतंक से दर्जनों गांव परेशान हैं। जिसमें गोला के पुरबडीह, साड़म, कोराम्बे, हेसापोड़ा, रकुवा, सुतरी, चोकाद, संग्रामपुर, बरलंगा, उपरबरगा पंचायत के विभिन्न गांव प्रभावित हैं। वहीं दुलमी के पहाड़ी क्षेत्र से सटे गांव कारो, बभनी, पुत्रीडीह, जमुआबेड़ा, गंधौनीया, कोरियाटांड़, चटाक सहित कुल्ही, पोटमदगा, सिकनी गांव के लोग कभी भी हाथियों के हमले को लेकर भय में रहते हैं। हाथियों से होने वाली समस्या से निपटने के लिए वन विभाग कई तरह के उपाय करता है पर वो विफल हो जाता है। क्योंकि उपाय के कुछ समय बाद हाथी फिर आ धमकते हैं। विभाग ने हाथियों को खदेड़ने के लिए ढेरों उपाय किए हैं। हाथी भगाओ पार्टी हाथियों को मशाल लेकर खदेड़ती थी। कई बार गांवों में सोलर फेंसिंग कराई गई, जो नाकाम रही। अब हाथियों के आगमन की सूचना पर वनकर्मी लोगों को लोकेशन की सूचना देने के साथ उन्हें जंगल में नहीं जाने की मुनादी कराई जाती है। फिलहाल डेढ़ माह से जिले में हाथियों के तांडव की कोई सूचना नहीं है।

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