
नौकरी की मांग को लेकर केदला प्रबंधन के साथ ग्रामीणों की झड़प
वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र के केदला उत्खनन परियोजना कार्यालय में ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच नौकरी की मांग को लेकर झड़प हो गई। घटना में कई अधिकारी घायल हुए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें नौकरी के लिए वर्षों से आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
केदला, निज प्रतिनिधि। वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र अंतर्गत सीसीएल की केदला उत्खनन परियोजना कार्यालय में शनिवार को नौकरी की मांग को लेकर प्रबंधन के साथ ग्रामीणों की झड़प हो गई। इस घटना में परियोजना में कार्यरत उप प्रबंधक जयकांत नारायण, प्रबंधक शुभम सिंह और सर्वेयर अनिल कुमार मिश्रा घायल हो गए। वहीं कुमार अमित नंदन, शंकर निषाद सहित अन्य को चोटें आई है। जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद वेस्ट बोकारो ओपी प्रभारी दीपक कुमार दल बल के साथ केदला पीओ कार्यालय पहुंचे। वहीं मौके पर जीएम हजारीबाग क्षेत्र कल्याण जी प्रसाद, एसओपी अरुण कुमार, केदला पीओ एसके त्रिवेदी, तापिन पीओ एसके सिंह, परेज पीओ संजय कुमार सिंह, केदला वाशरी पीओ पीके सिंह, झारखंड पीओ एमके पांडेय, केबीपी पीओ एससी गुप्ता, मैनेजर बिजय कुमार सिंह, मैनेजर एचके सिंह, एसओ पीएंडपी राजेंद्र प्रसाद, सेल्स ऑफिसर सत्य प्रकाश, पियुश, फैजल, पवन सिंह सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रबंधन ने वेस्ट बोकारो ओपी पुलिस को बिहारी महतो एवं अन्य 25-30 लोगों के खिलाफ कार्यालय में घुसकर अधिकारियों एवं स्टाफ के साथ मारपीट एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। -क्या कहते हैं ग्रामीण वहीं धरने पर बैठे ग्रामीणों की ओर से जेएलकेएम के मांडू विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बिहारी महतो ने कहा कि हमलोगो का वर्षों पूर्व जमीन अधिग्रहण सीसीएल ने किया गया है। उक्त जमीन पर जब प्रबंधन काम करना शुरु किया तो जमीन के बदले नौकरी के लिए प्रबंधन के पास 2017 में पेपर जमा किए। आज आठ साल हो गया लेकिन अभी तक नौकरी की प्रक्रिया पुरी नहीं हुई है। नौकरी का कागज केदला से लेकर सीसीएल मुख्यालय रांची आना जाना कर रहा है। इस जमीन पर कैलाश महतो, बिरसाई महतो, सागर कुमार, प्रेम कुमार, गणेश महतो, मनेश महतो का नौकरी लंबित है। हर बार प्रबंधन सिर्फ झुठा आश्वासन देते आई है। शनिवार को भी हमलोग पीओ ऑफिस में बात करने आए थे। इसी बीच अधिकारियों की ओर से जाति सूचक गालियां दी गई। जिसके बाद मामला धका मुक्कि में बदल गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। धरना प्रदर्शन में करण महतो, नरेश महतो, युगनी देवी, बसंती देवी, सुषमा देवी, प्रीति देवी, यशोदा देवी, चमनी देवी सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण धरने पर बैठे थे।

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