
गोला में मदीना मस्जिद की ढलाई में शामिल हुए कई उलेमा
गोला में मदीना मस्जिद की ढलाई के मौके पर मौलाना मुफ्ती अलहाज मो फहीमुद्दीन ने कहा कि मस्जिद का निर्माण इस्लाम में महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से मस्जिद में इबादत करने की अपील की। जलसे में...
गोला, निज प्रतिनिधि। मजहबे इस्लाम में मस्जिद दिल का दर्जा रखता है। मस्जिद के निर्माण में हिस्सा लेकर साहबे इमान दोनों जहां की कामयाबी हासिल कर सकता है। ये बातें हज़रत हाफ़िज़ व क़ारी मौलाना मुफ्ती अलहाज मो फहीमुद्दीन मिस्बाही ने शुक्रवार को गोला के साड़म स्थित मदीना मस्जिद की ढलाई के मौके पर अपनी तकरीर में कही। उन्होंने मुस्लिमों से मस्जिद की तामीर मुकम्मल कर उसमें इबादत करने के लिए जज्बा बढ़ाते हुए कहा कि इस मस्जिद में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें और अपना आखिरत बनाएं। मस्जिद की ढलाई को लेकर आयोजित जलसे में उलेमाओं के अलावा आस पास के मुसलमान शामिल हुए। यहां पहुंचे लोगों ने मस्जिद की तामीर में भरपूर सहयोग प्रदान किया। लोग अपने हाथों से सीमेंट मसाले को भी उठाया। युवाओं में छत की ढलाई के प्रति काफी जोश था। जलसे का आगाज़ खतीब व इमाम साड़म के मौलाना शकील अख्तर रजवी ने क़ुरआन ए मजीद की तिलावत से किया।
गोला जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मो शरफुद्दीन ने अपने फन का मोज़ाहेरा करते हुए मस्जिद की ढलाई के लिए 6 लाख रुपए चंदा किया। इस दौरान पहली कढ़ाई की बोली मो असलम साड़म ने 2 लाख 15 हज़ार 786 रुपए लगाई। दूसरी कढ़ाई की बोली अंजुमन के सेक्रेटरी अब्दुल मन्नान ने 2 लाख 11 हज़ार 786 रुपए, तीसरी कढ़ाई की बोली हज़रत अल्लामा मुफ्ती मो फहीमुद्दीन मिस्बाही ने 37 हज़ार 786 रुपए, चौथी कढ़ाई की बोली अब्दुल रऊफ ने 12 हज़ार 786 रुपए, पांचवी कढ़ाई की बोली मो शहूद ने 7 हज़ार 786 की बोली लगाकर अपने नाम किया।
मौके पर मौलाना अहमद राजा अज़हरी, मौलाना मुख्तार अहमद, मौलवी मो फ़ख़रुद्दीन, सदर मो जाफर, मो रहमत, मो मिनहाज, अब्दुल करीम, मो ताहिर, डॉ कलाम, डॉ गुलाम मुस्तफा, मो जदीद आलम, मो मुजाहिद आलम, गुलाम सुभानी, राजू, मो मुख्तार, मो कौसर, दिलकश, अब्दुल रऊफ, बबलू, मो शाहिद, मो अमरूल सहित सैकड़ों उपस्थित थे।

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