सरहुल पर्व हमें जल, जंगल और जमीन से जुड़ने की प्रेरणा देता है : विधायक ममता देवी
रामगढ़ के ग्राम मरार में सरहुल महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक ममता देवी ने इसे प्रकृति और आदिवासी संस्कृति का प्रतीक बताया। पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर उत्सव को सफल बनाया।

रामगढ़, निज प्रतिनिधि। ग्राम मरार के रेलवे अंडर ब्रिज के समीप सरहुल महोत्सव हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर सरना स्थल पर ग्राम पाहन प्रकाश मुंडा, पुजारी पंचम कुजूर, सोरेन बेदिया, महेंद्र बेदिया, विनोद करमाली और संजय सोरेन की ओर से विधिवत साल वृक्ष की पूजा-अर्चना की गई। पाहन ने पारंपरिक मंत्रोच्चार के साथ सरना माँ और साल वृक्ष की पूजा कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवक-युवतियों ने ढोल-मांदर की थाप पर पारंपरिक सरहुल नृत्य और गीत प्रस्तुत कर माहौल को उत्सवमय बना दिया।
पूरे गाँव में पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सभी समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक ममता देवी ने सरहुल पर्व को प्रकृति और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पर्व हमें जल, जंगल और जमीन से जुड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने वाला बताया। महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रसाद वितरण के रूप में भंडारा का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रामगढ़ थाना प्रभारी, नगर परिषद अध्यक्ष कुसुम लता मुंडा, उपाध्यक्ष रणधीर गुप्ता, बेदिया विकास परिषद अध्यक्ष शंकर बेदिया सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर पर्व को सफल बनाया।
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