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बीआरपी-सीआरपी परेशान है 13 वर्षो से : महासंघ

बीआरपी-सीआरपी परेशान है 13 वर्षो से : महासंघ

स्थानीय बुनियादी विद्यालय के प्रांगण में रविवार को बीआरपी-सीआरपी महासंघ रामगढ़ की ओर से प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि झारखंड की सरकार पिछले 13 वर्षो से बीआरपी और सीआरपी के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए उनके मानदेय में बढोतरी नहीं की। उन्होंने कहा कि पडोसी राज्यों की तर्ज पर झारखंड सरकार एक ठोस नियमावली बनाए और इन पदों को स्वीकृत कर स्थायीकरण करें। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार बीआरपी और सीआरपी को सामान काम और सामान वेतन का लाभ प्रदान किया जाए। शिक्षक नियुक्ति प्रकिया और शिक्षा विभाग के रिक्त पदों पर बीआरपी और सीआरपी को आरक्षण का लाभ सरकार प्रदान करें। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार की कैबिनेट ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 71 करोड का बजट पास किया गया है। चूंकि बीआरपी-सीआरपी का प्रमुख काम शिक्षा की गुणवत्ता देखना ही है। उन्हें अपने खर्च पर सभी काम करने पड़ते है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि बीआरपी और सीआरपी को एनआइओएस और डीइएलइडी प्रशिक्षण के लिए नामांकन सुनिश्चित किया जाए। राज्यभर में कई सीआरपी और बीआरपी की आकस्मिक मृत्यु के उपरांत उनके परिजनों को उचित मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें मुआवजा प्रदान किया जाए। पिछले कई महीनों से जिले में बीआरपी और सीआरपी का मानदेय बकाया है, उसे यथाशीघ्र भुगतान किया जाए। प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष सतेंद्र कुमार, जिला सचिव तपन कुमार पोद्दार, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार, आशुतोष कुमार सिन्हा, रंजीत सिन्हा, भीम राम महतो, गणेश साव, रीता कुमारी, वीणा कुमारी, राजीव हीरू, रामनाथ, सुरेंद्र, सहित ओहदार, पवन, गणेश, मनोज, वासुदेव, सुनिल, रवींद्र आदि उपस्थित थे।

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  • Web Title:BRP-CRP is upset for 13 years: Mahasangh