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ट्रेनों में सभी पंखे नहीं कर रहे काम, गर्मी से लोग परेशान

झुलसा देने वाली गर्मी के बीच सफर करना भी यात्रियों के लिए भारी हो रहा है। इस तपती गर्मी में बस-ट्रेन से यात्रा करने दौरान यात्री पसीने से तरबतर हो...

ट्रेनों में सभी पंखे नहीं कर रहे काम, गर्मी से लोग परेशान
हिन्दुस्तान टीम,रामगढ़Tue, 23 Apr 2024 11:30 PM
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रामगढ़, प्रतिनिधि।
झुलसा देने वाली गर्मी के बीच सफर करना भी यात्रियों के लिए भारी हो रहा है। इस तपती गर्मी में बस-ट्रेन से यात्रा करने दौरान यात्री पसीने से तरबतर हो जा रहे हैं। ट्रेनों में खास कर के जनरल डिब्बे में सफर कर रहे यात्रियों को गर्मी में ज्यादा परेशानी हो रही है। एक तो सभी पंखे काम नहीं करते वहीं खिड़कियों से भी गर्म हवाओं के थपेड़े पड़ने से परेशानी और भी बढ़ जाती है। बसों का भी यही हाल है। रामगढ़ से निकलने वाली एसी बसों को छोड़ दें तो अन्य बसों से सफर करने वाले यात्री अपने गंतव्य स्थान पर पसीने से भीग कर उतर रहे हैं। बस के अंदर पंखों की कोई व्यवस्था नहीं होने से गर्मी और उमस बढ़ जाती है। ऑटो के यात्रियों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। हर ऑटो में ठूस-ठूस कर सवारियां बैठाई जाती है। जिस कारण इस गर्मी में ऑटो से सफर करने वालों की भी परेशानी बढ़ी है।

सजा से कम नहीं जनरल डिब्बे में सफर

इन दिनों जेनरल बोगी में सफर करना सजा से कम नहीं है। त्योहारी सीजन हो या फिर गर्मी की तपीश, ट्रेन का सफर लोगों के लिए हर बार मुश्किल का सबब लेकर आता है। इस बार भी गर्मी शुरू होते ही ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ शुरू हो गई है। देश के कई राज्यों में जहां आसमान एक तरफ आग बरसा रही है और लोग प्रचंड गर्मी से परेशान हैं। वहीं दूसरी तरफ गर्मी के मौसम में ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ हो रही है। इसके कारण रेल यात्रा करना यात्रियों को लिए काफी परेशानी का सबब हो गया है। ट्रेनों में भीड़ का आलम यह है कि लोग जहां तहां बैठकर सफर करने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि अभी गर्मी की छुट्टियों के अलावा शादी और फसल कटाई का भी सीजन है। इसलिए ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ हो रही है। वहीं दूसरी तरफ जेनरल कोच के अंदर पर तिल रखने की जगह नहीं है। स्थिति यह है कि जिन्हें बैठने की जगह नहीं मिली है वो गलियारे में शौचालय के समीप खडे होकर सफर करने को विवश हैं। इसके लिए यात्रियों को भी दोष नहीं दिया जा सकता है क्योंकि ट्रेन में जगह नहीं और सफर भी पूरा करना है। बरकाकाना स्टेशन पर शाम 11447 शक्तिपुंज एक्सप्रेस आकर रुकी।

सबसे पीछे जनरल डिब्बे में चढने के लिए गेट पर यात्रियों की भीड़ थी। ट्रेन में चढऩे को लेकर गुत्थमगुत्था हो रही थी। जैसे-तैसे डिब्बे में चढ़ गए। गेट पर पहले से ही कुछ लोग कब्जा जमाए थे। इनको पार कर अंदर पहुंचे तो स्थिति बड़ी अजीब थी। डिब्बे में करीब दोगुने यात्री मौजूद थे। जिसे कहीं भी जगह नहीं मिली, वो टायलेट के पास पड़ा था। अभी सीट तलाशने की सोच ही रहे थे कि रांची रोड स्टेशन आ गया। डिब्बे में हलचल शुरु हो गई। फिर वही उतरने और चढ़ने की जद्दोजहद। दो मिनट बाद ट्रेन चली और फिर शुरू हुई खचाखच भरे डिब्बे में सीट तलाशने की कोशिश। बरकाकाना से चढ़े अनिल को हावड़ा जाना था। उन्होंने ऊपर की बर्थ पर पहले से बैठे चार लोगों को खिसकाते हुए थोड़ी सी जगह मांगी। ऐसे में भीड़भाड़ वाले डिब्बे में खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था। पंखों की हवा लोगों के पैरों के जाल को भेद कर नीचे नहीं आ पा रही थी।

यात्रा के दौरान पसीने से हो रहे तरबतर

इस चिलचिलाती गर्मी में बसों से सफर करने वाले यात्री बस में चढ़ते समय तो सूखे हुए रहते हैं पर अपने गंतव्य पर उतरते समय पसीने से तरबतर नजर आ रहे हैं। रामगढ़ बस स्टैंड से रांची के लिए खुलने वाली बसों में मंगलवार को यात्रियों को गर्मी से विचलित होते हुए देखा गया। कोई रुमाल या गमछे को घुमा हवा ले रहा था तो कोई ठंडा पानी पी गर्मी से बचने की कोशिश कर रहा था। बसों में पंखे नहीं होने से और भीड़ के कारण गर्मी और बढ़ जाती है। खिड़कियों से भी गर्म हवा के थपेड़े पड़ते हैं। जो यात्रियों को और भी व्याकुल कर रहे हैं।

रांची के लिए बस पर चढ़े यात्री विक्रम का कहना था कि शरीर को ठंडा रखने के लिए बस एक ठंड पानी के बोतल के सहारे ही इस गर्मी में सफर कर रहे है। ऐसा ही हाल ऑटो रिक्शा में भी नजर आता है। गर्मी के दिनों में भी ऑटो वाले यात्रियों को ऑटो में जबरदस्ती भरने से बाज नहीं आते। तीन की जगह बीच वाली सीट पर कभी चार तो कभी पांच सवारी तक बैठा दे रहे। जिस कारण यात्रियों को ऐसी उमस में काफी चिपक कर बैठना पड़ रहा।

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