2 दिन में 8359 जगहों पर मारे गए छापे, करोंड़ो की वसूली तय; झारखंड में बिजली चोरों की खैर नहीं
सुबह 8 से शाम 6 बजे तक चले इस अभियान में मुख्यालय स्तर से गठित 119 टीमों ने सभी सर्किलों में एक साथ कार्रवाई की। रांची अंचल में 1049 जगहों पर छापेमारी हुई, जिसमें 117 लोगों पर केस दर्ज किया गया।

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए 10 और 11 फरवरी को राज्यव्यापी सघन छापेमारी अभियान चलाया। सुबह 8 से शाम 6 बजे तक चले इस अभियान में मुख्यालय स्तर से गठित 119 टीमों ने सभी सर्किलों में एक साथ कार्रवाई की। रांची अंचल में 1049 जगहों पर छापेमारी हुई, जिसमें 117 लोगों पर केस दर्ज किया गया। कुल 23.16 लाख जुर्माना वसूला गया। अभियान के दौरान पुलिस बल का भी सहयोग लिया गया।
8359 जगहों पर मारे गए छापे
निगम की ओर से जारी प्रतिवेदन के अनुसार, कुल 8359 परिसरों में जांच की गई। इनमें 1185 परिसरों में विद्युत ऊर्जा की चोरी से संबंधित मामले पकड़े गये। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। छापेमारी के दौरान कुल 179.66 लाख रुपये की राशि आंकी गई है। अभियान के तहत 17.09 लाख यूनिट का आकलन किया गया। कुल 158.77 लाख रुपये की असेसमेंट राशि तथा 20.89 लाख रुपये बकाया राशि मिलाकर 179.66 लाख रुपये की वसूली योग्य राशि निर्धारित की गयी है। निगम प्रबंधन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली चोरी की सूचना निगम को दें।
सरकार ने की जानकारी देने की अपील
सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा। इसके लिए उपभोक्ता व्हाट्सएप या संदेश के माध्यम से 94311-35515 पर जानकारी दे सकते हैं। एरियल बंच केबल से बिजली बर्बादी में 15% आएगी कमी। बिजली बोर्ड की ओर से निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए कई सुधार किए जा रहे हैं। शहर में स्मार्ट मीटर लगने और सभी एलटी लाइन के एरियल बंच केबुल (एबीसी) में परिवर्तित होने से बिजली की बर्बादी में 15 प्रतिशत कमी आएगी। यह दावा झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने किया है। 2024 में एटीएंडसी लॉस 30 से 31 प्रतिशत था, जो अब 22 से 23 प्रतिशत तक रह गया है।
फीडर से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक आपूर्ति की गणना
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ग्रिड से सब स्टेशन को कितनी बिजली मिली, सब स्टेशन में लगे फीडरों से मोहल्लों में लगे ट्रांसफॉर्मर तक कितनी बिजली आपूर्ति की गई और उपभोक्ताओं ने कितनी खपत की, इनकी गणना हो रही है। आंकड़ों के मिलान के बाद वसूली की जाएगी। इससे बिजली बर्बादी और बिजली चोरी पर रोकथाम लगेगी।
रांची शहर के बड़े इलाकों में चल रहा मरम्मत कार्य
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के द्वारा शहर के कई इलाकों में मरम्मत कार्य और विकासात्मक कार्य चल रहा है, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति होती रही। सब स्टेशन की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। लोगों से शिकायतें मिलने पर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू हो, इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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