पुलिस कोर्ट में करती रही इंतजार, दोनों हाथ उठा थाने पहुंच गया हिमांशू की हत्या का आरोपी राहुल; कर दिया सरेंडर

लाइव हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
Follow us on Google News
share

करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी राहुल दुबे ने पुलिस के भय से ऐसा तरीका अपनाया कि लोग भौचक्का रह गये। गुरुवार को भी उसके न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की चर्चा थी।

Rahul dubey surrender news

करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी राहुल दुबे ने पुलिस के भय से ऐसा तरीका अपनाया कि लोग भौचक्का रह गये। गुरुवार को भी उसके न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की चर्चा थी। हालांकि, वह कोर्ट नहीं पहुंचा। शुक्रवार को भी अदालत परिसर में सुरक्षा के इंतजाम थे। बताया जा रहा है कि अपने अधिवक्ता के संपर्क में भी था। इसके बावजूद राहुल दुबे ने न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं किया। उसने फिल्मी तरीका अपनाया और सीधे थाने पहुंच गया। वहां बिना किसी विरोध के खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। राहुल दुबे हत्याकांड में नामजद आरोपी है। घटना के समय वह मौके था। पुलिस उससे वारदात की पूरी साजिश, घटना में उसकी भूमिका और अन्य फरार आरोपियों के संबंध में पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियों के अनुसार, राहुल दुबे, विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा का करीबी सहयोगी माना जाता है। दोनों का नाम नीरज सिंह के नेटवर्क से भी जोड़ा जा रहा है। बार या अन्य स्थानों पर विवाद अथवा मारपीट की स्थिति बनने पर यही लोग साथियों को मौके पर बुलाते थे। सोनारी निवासी राहुल दुबे के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत तीन आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

पुलिस अब उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि हत्याकांड से जुड़े अन्य फरार आरोपियों, साजिश और घटना के पूरे घटनाक्रम के संबंध में पूछताछ की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही शेष आरोपियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

काउंटर केस की तैयारी

हिमांशु सिंह की हत्या में शुक्रवार को पुलिस ने भाजपा नेता नीरज सिंह और मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया। चिकित्सा जांच के बाद पुलिस दोनों को साथ लेकर पूछताछ के लिए रवाना हुई। इसी दौरान शुक्रवार को बिष्टूपुर थाना में आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी राहुल दुबे को भी सामने लाकर तीनों से आमने-सामने पूछताछ की गई।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने तीनों को बैठाकर पूरी घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया। अधिकारियों ने 27 जून की रात डीडी बार एंड कैफे के बाहर क्या हुआ, किसने किसे फोन किया, विवाद कैसे शुरू हुआ, मौके पर कौन-कौन मौजूद था और घटना के बाद कौन किस दिशा में गया, जैसे कई बिंदुओं पर विस्तार से पूछताछ की। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या तत्काल हुए विवाद के बाद हिंसक रूप ले लिया। पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों के बयानों का मिलान पहले से उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से भी किया जा रहा है।

पुलिस कर रही जांच

सूत्रों की मानें तो राहुल दुबे के आत्मसमर्पण के बाद जांच को नई दिशा मिली है। घटना के समय उसकी मौजूदगी और विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा के साथ उसके संबंधों को लेकर पुलिस पहले से जानकारी जुटा रही थी। अब उसे सामने बैठाकर नीरज सिंह और बोदरा से पूछताछ किए जाने से कई विरोधाभासी बयानों की भी जांच की जा रही है। इससे पहले अदालत ने नीरज सिंह और विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा को 72 घंटे के पुलिस रिमांड पर देने की अनुमति दी थी। हत्याकांड की जांच के लिए गठित विशेष टीम लगातार तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी है।

हिमांशु सिंह की हत्या में काउंटर केस दर्ज हो सकता है। पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले हिमांशु के साथियों ने सोनूराम सरदार की मारपीट की थी, जिसमें वह जख्मी हुआ था। सोनूराम सरदार का इलाज टाटा मुख्य अस्पताल में हुआ था। पुलिस ने हत्या के मामले में अन्य आरोपियों के साथ सोनूराम सरदार को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन उसके जख्मी होने का अलग मामला दर्ज नहीं किया गया। सोनूराम सरदार के परिजनों ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता से संपर्क किया है। अधिवक्ता सीजेएम अदालत में अर्जी देकर जख्मी आरोपी का पक्ष रखने और बिष्टूपुर थाने में काउंटर केस दर्ज कराने का अनुरोध करने वाले हैं।

गौरतलब है कि 27 जून की रात डीडी बार में युवकों के एक समूह ने पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह की चाकू से हत्या कर दी थी। उनके साथी प्रत्युष सिंह भी जख्मी हुए थे, जिनका इलाज कोलकाता में चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सोनूराम सरदार के परिजन पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं।

Mohammad Azam

लेखक के बारे में

Mohammad Azam

संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


राजनीतिक पत्रकारिता में आजम

आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


पत्रकारिता का उद्देश्य

आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


विशेषज्ञता ( Area of Expertise )

पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर

और पढ़ें