रांची के बाद गिरिडीह और हजारीबाग में भी ऐक्शन; छात्रों से झड़प में 900 पर केस
रांची के बाद गिरिडीह और हजारीबाग में भी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिने झड़प और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 3 मामले दर्ज किए गए हैं।

रांची के बाद गिरिडीह और हजारीबाग में भी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, गिरिडीह में शुक्रवार और शनिवार को हुई झड़पों के सिलसिले में टाउन पुलिस स्टेशन में दो प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं। वहीं हजारीबाग में सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ झड़प के आरोप में एक और एफआईआर दर्ज की गई। छात्र झारखंड भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
900 से अधिक आरोपी
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि गिरिडीह में शुक्रवार और शनिवार को हुई झड़पों के सिलसिले में टाउन पुलिस स्टेशन में दो एफआईआर दर्ज किए गए जबकि हजारीबाग में सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ झड़प के आरोप में एक और एफआईआर दर्ज की गई। गिरिडीह और हजारीबाग दो जिलों में पुलिस की ओर से दर्ज मामलों में 28 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है जबकि 900 से अधिक अज्ञात लोग भी आरोपी हैं।
परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ जुटे थे छात्र
बताया जाता है कि शुक्रवार को झारखंड भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाने के लिए जमा हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झूमाझटकी हुई थी।
रांची में 200 के खिलाफ 3 केस
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम रांची के कोतवाली पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए तीन मामलों के एक दिन बाद हुआ है। रांची में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के सिलसिले में शनिवार को 14 नामजद और 200 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ 3 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। ये FIR सरकारी कामकाज में कथित तौर पर बाधा डालने और पुलिस के साथ झड़प करने के आरोप में रांची के कोतवाली थाने में दर्ज की गई थीं। छात्र परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे थे।
रांची में दर्ज मामले में क्या आरोप?
रांची के पुलिस अधीक्षक (सिटी) पारस राणा ने बताया कि शुक्रवार को हुई झड़प के सिलसिले में कोतवाली थाने में 14 नामजद और 200 से अधिक अज्ञात के खिलाफ 3 FIR दर्ज किए गए हैं। तीन में से एक FIR सरकारी काम में बाधा डालने और निर्धारित मार्ग से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में दर्ज की गई है। दो अन्य केस दो लोगों की ओर से दर्ज कराए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि यह पुलिस की गुंडागर्दी है।


