एक पेड़ लगाने पर 5 यूनिट बिजली मुफ्त, झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार लाई ऑफर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों की बैठक ली। आदेश दिया कि एक महीने के भीतर वन क्षेत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए। घोषणा की कि एक पेड़ लगाने पर पांच यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि एक पेड़ लगाने पर पांच यूनिट बिजली फ्री मिलेगी। साथ ही अधिकारियों को वन क्षेत्रों का टेक्निकल व डिजिटल रिकॉर्ड एक माह के भीतर तैयार करने के लिए कहा है। इसके लिए उन्होंने वन क्षेत्रों के डिजिटल मैप की लेयरिंग करने के लिए कहा है। इससे राज्य के वन क्षेत्रों के वास्तविक स्वरूप, संरचना व वर्तमान स्थिति की जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध हो सकेगी।
एक पेड़ लगाने पर पांच यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य के शहरी क्षेत्रों में पौधरोपण बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा पेड़ लगाओ, फ्री बिजली पाओ योजना का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। ज्यादा लोग अभियान से जुड़ें। इसके तहत एक पेड़ लगाने पर पांच यूनिट बिजली मुफ्त देने की योजना है। सीएम ने इको टूरिज्म की संभावनाओं को देखते हुए बेहतर प्लान के साथ बढ़ने का निर्देश दिया। पौधरोपण स्थानीय इको सिस्टम के अनुरूप हो।
ऐसे पेड़ों का चयन करें
ऐसे वृक्षों का चयन करें, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका, पशुओं की जरूरतों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दें। वन एवं गैर-वन क्षेत्रों में महुआ, जामुन, करंज, पलाश, कुसुम, बैर तथा तसर उत्पादन के लिए उपयोगी अर्जुन जैसे वृक्षों का बड़े पैमाने पर रोपण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अंतर्गत चल रही योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान सभी जिलों के वन प्रमंडल पदाधिकारियों से ऑनलाइन माध्यम से सीधा संवाद स्थापित कर वन विभाग की योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने दुमका, जामताड़ा और कोडरमा के वन प्रमंडल पदाधिकारियों से सीधे बातचीत भी की।
वन क्षेत्रों का एक माह में डिजिटल रिकॉर्ड
सीएम ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद वन क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। कहीं वनों का विस्तार हुआ है तो कहीं इको-टूरिज्म परियोजनाएं और गेस्ट हाउस विकसित हुए हैं। दूसरी ओर, वनों की कटाई, खनन क्षेत्रों के विस्तार तथा वन्यजीव अभयारण्यों व राष्ट्रीय उद्यानों की सीमाओं में भी बदलाव देखने को मिले हैं। ऐसे में वन क्षेत्रों का वैज्ञानिक डिजिटल दस्तावेज तैयार करना जरूरी है। उन्होंने राज्य के वन संसाधनों के संरक्षण, विकास और वैज्ञानिक प्रबंधन को नई दिशा प्रदान करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि अनुपयोगी पेड़ों की वैज्ञानिक तरीके से कटाई की योजना तैयार करें। हेलीकॉप्टर से बीज गिराकर वन क्षेत्रों के विकास के लिए एक बेहतर कार्य योजना बनाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को बिना विलंब के वन पट्टों का वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें वन पट्टा का लाभ समय पर मिल सके।
सीएम के निर्देश
● शहरी क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन के लिए अकाशिया सहित अन्य छायादार पौधे लगाएं
● शहरों में हरित आवरण बढ़ाने, प्रदूषण कम करने के लिए पौधरोपण अभियान चलाएं।
● प्रत्येक योजना का परिणाम जनहित और वन संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप दिखाई दे।
● पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के निर्धारित मानकों का पालन करें।
● प्रदूषण नियंत्रण के लिए जनविश्वास एप की उपयोगिता व उसके प्रभावी संचालन पर जोर दें।
● काजू, बैम्बू सहित विभिन्न व्यावसायिक खेती पर करें फोकस।
व्यावसायिक खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने काजू, बैम्बू सहित विभिन्न व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को बड़े भू-भागों की पहचान कर, वहां व्यापक स्तर पर काजू एवं बैम्बू के पौधे लगाने और राज्य में काजू उत्पादन की संभावनाओं को विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों के लिए आय के नए स्रोत सृजित हो सकें। कहा-इससे स्वरोजगार भी बढ़ेगा।


