पटना-चर्लपल्ली स्पेशल ट्रेन फिर शुरू होगी, इन स्टेशनों पर ठहरेगी; चेक कर लें टाइम टेबल
गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए पटना से चर्लपल्ली के बीच सप्ताह में दो दिन फिर स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा हुई है। पटना-चर्लपल्ली के बीच स्पेशल कोडरमा, पारसनाथ, गोमो के रास्ते चलेगी। ट्रेन में दो जनरल, चार स्लीपर, सात थर्ड एसी और सात थ्री इकोनॉमी क्लास की बोगियां जोड़ी जाएंगी।

गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए पटना से चर्लपल्ली के बीच सप्ताह में दो दिन फिर स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा हुई है। पटना-चर्लपल्ली के बीच स्पेशल कोडरमा, पारसनाथ, गोमो के रास्ते चलेगी। ट्रेन में दो जनरल, चार स्लीपर, सात थर्ड एसी और सात थ्री इकोनॉमी क्लास की बोगियां जोड़ी जाएंगी।
पटना से दोपहर तीन बजे खुलेगी
03253 पटना-चर्लपल्ली स्पेशल आठ अप्रैल से 27 मई तक हर सोमवार और बुधवार को चलेगी। ट्रेन पटना से दोपहर तीन बजे खुलेगी। तारेगना, जहानाबाद, गया, कोडरमा, पारसनाथ, गोमो (रात 8.15 बजे), बोकारो स्टील सिटी (रात 9.20 बजे) रुकते हुए आगे रांची, हटिया, राउरकेला, झारसुगड़ा, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंडिया, नागपुर सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए एक दिन बाद बुधवार और शुक्रवार को रात 3.30 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी।
बुधवार को चर्लपल्ली से खुलेगी
03254 चर्लपल्ली-पटना स्पेशल 15 अप्रैल से 27 मई के बीच हर बुधवार को रात 11 बजे चर्लपल्ली से खुलेगी। यह ट्रेन हर शु्रवार की सुबह 4.03 बजे गोमो, सुबह 4.50 बजे गोमो रुकते हुए शुक्रवार की सुबह 11.30 बजे पटना पहुंचेगी।
इसी तरह 03255 चर्लपल्ली-पटना स्पेशल 10 अप्रैल से 29 मई के बीच हर शुक्रवार को रात नौ बजे चर्लपल्ली से चलेगी और अगली रात 2.03 बजे बोकारो, रात 2.50 बजे गोमो रुकते हुए रविवार की सुबह साढ़े नौ बजे पटना पहुंचेगी। ट्रेन में दो जनरल, चार स्लीपर, सात थर्ड एसी और सात थ्री इकोनॉमी क्लास की बोगियां जोड़ी जाएंगी।
टूरिस्ट स्पेशल ट्रेन से कई ज्योतिर्लिंग की यात्रा कर सकेंगे
बोकारो, प्रतिनिधि। बोकारोवासियों को रेलवे की ओर से ज्योतिर्लिंग व शिरडी यात्रा का अवसर दिया गया है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन यानी आईआरसीटीसी की ओर से भारत गौरव टूरिस्ट स्पेशल ट्रेन का संचालन 11 मई से किया जाएगा।
11 रात व 12 दिनों की यात्रा
यह विशेष ट्रेन 11 रात व 12 दिनों की धार्मिक यात्रा पर श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंग व धार्मिक स्थलों के दर्शन कराएगी। आईआरसीटीसी रांची के टूरिज्म अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि यह ट्रेन झारसुगुड़ा से खुलेगी व रास्ते में राउलकेला, रांची, मुरी, बोकारो स्टील सिटी, हजारीबाग रोड, गया, राजगीर, बिहार शरीफ, पटना, बक्सर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय व प्रयागराज छिवकी जैसे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बोर्डिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
दिन में दो समय भोजन की सुविधा
यात्रा के दौरान श्रद्धालु उज्जैन के महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, द्वारकाधीश मंदिर, नागेश्वर, सोमनाथ, शिरडी, नासिक के त्र्यंबकेश्वर व घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे। यात्रियों के लिए स्लीपर क्लास का किराया 23,315 रुपये, थर्ड एसी का 41,570 रुपये व सेकंड एसी का 50,410 रुपये निर्धारित किया गया है। सफर के दौरान नाश्ते के साथ दिन में दो समय भोजन की सुविधा भी दी जाएगी।
पांच साल तक के बच्चों को फ्री यात्रा
यात्रा के लिए बुकिंग आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट से की जा सकती है, जबकि ऑफलाइन बुकिंग के लिए बोकारो स्टेशन पर आईआरसीटीसी के मंटू कुमार से संपर्क किया जा सकता है। पांच साल तक के बच्चों के लिए यात्रा निशुल्क रहेगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


