डॉ विश्वनाथ ओझा को अर्पित की श्रद्धांजलि
मेदिनीनगर के रजवाडीह गांव के प्रधानाध्यापक परशुराम तिवारी और शिक्षाविद हरिशंकर मिश्र ने डॉ विश्वनाथ ओझा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। तिवारी ने कहा कि वे चिकित्सा विश्वसनीयता का प्रतीक थे और उनकी संवेदनशील चिकित्सा शैली ने कई जीवनों को छूआ। पलामू क्षेत्र में हाल ही में कई प्रमुख व्यक्तित्वों का निधन हुआ है।

मेदिनीनगर। सदर प्रखंड के रजवाडीह गांव स्थित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक परशुराम तिवारी एवं शिक्षाविद हरिशंकर मिश्र ने डॉ विश्वनाथ ओझा के निधन पर शोक प्रकट करते हुए श्रद्धांजिल अर्पित किया है। परशुराम तिवारी ने कहा है कि वे चिकित्सीय विश्वसनीयता के पर्याय थे। उनकी चिकित्सा शैली में बीमारों के प्रति संवेदनशीलता का गहन पुट था। चिकित्सा के क्रम में मरीजों व उनके परिजनों के बेशुमार सवालों से वे कभी-कभी खीझ जाते थे, किन्तु उनके खीझने में भी रीझने वाली बात रहती थी। उन्होंने कहा कि पलामू इन दिनों गमों के चपेट में है। एक-एक कर समाज के अग्रगण्य विभूतियों का निधन हो रहा है।
पिछले 30 दिनों के भीतर प्रो. सुभाष चंद्र मिश्रा, चित्रकार एमएस नईयर जमाल, व्यवसायी नवल तुलस्यान, सुभाष जैन, पूर्व मंत्री लक्ष्मण राम और अब डॉ विश्वनाथ ओझा के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है।
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