पहले कसियाडीह में संजय का ढाबा जला और अब परिजनों समेत हुई मौत
सतबरवा के संजय कुमार और उनके परिवार के छह सदस्यों की एयर एंबुलेंस दुर्घटना में मौत हो गई। संजय, जो 16 फरवरी को आग से झुलस गए थे, इलाज के लिए रांची से दिल्ली जा रहे थे। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। संजय का ढाबा गांव में प्रसिद्ध था और उनकी मौत से लोग दुखी हैं।

सतबरवा, प्रतिनिधि। चतरा के जंगल क्षेत्र में सोमवार की शाम में क्रैश होकर गिरे एयर एम्बुलेंस के कारण मौत का शिकार बने संजय कुमार समेत सात लोगों के प्रति पलामू जिले के सतबरवा में भी गहरा शोक पसरा है। सतबरवा थाना क्षेत्र के कसियाडीह गांव में नेशनल हाइवे 39 के किनारे करीब 30 सालों से लाइन होटल का संचालन करने वाले संजय कुमार अपने ढाबे में 16 फरवरी की रात में खाना पकाने के क्रम में आग भड़क जाने से बुरी तरह झुलस गए थे। पुलिसकर्मियों, आसपास के लोगों व अग्निशामक दस्ते के प्रयास से उन्हे बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया था।
रांची में इलाज के दौरान सोमवार को स्थिति नाजुक हो जाने पर उन्हे एयर एंबुलेंस से पत्नी अर्चना देवी तथा भगीना ध्रुव कुमार समेत कुल सात लोग दिल्ली जा रहे थे। एक सप्ताह में कसियाडीह में संजय कुमार का होटल आबाद से बर्बाद हो गया है जिससे आसपास के लोगों में काफी मायूसी है। घटना से शोक में डूबे कसियाडीह के ग्रामीणों ने बताया कि संजय कुमार, पिछले 20 साल से कसियाडीह गांव में ढाबा चलाते थे। वे मूल रूप से लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले थे। परंतु उनका ज्यादा समय कसियाडीह में ही बितता था। 16 फरवरी को हुई दुखद घटना में गंभीर रूप से घायल हुए संजय कुमार के साथ एक सप्ताह बाद पुन: अत्यंत दु:खद घटना घटित हो गई जिसमें उनके साथ-साथ पत्नी अर्चना देवी, 17 वर्षीय भगीना ध्रुव कुमार की मौत हो गई। एयर एंबुलेंस का पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत भी मारे गए हैं। पलामू जिले में ग्रामीण कार्य प्रमंडल में पूर्व में पदस्थापित रहे कार्यपालक अभियंता भगीना देवशरण भगत के पुत्र थे। के अलावा कैप्टन स्वराजदीप सिंह, डॉक्टर विकास गुप्ता और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई है। घटना के बाद पलामू जिले में पदस्थापित रहे इइ के पुत्र के आकस्मिक मौत पर अभियंता संघ के सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया है। चतरा सांसद के सतबरवा प्रखंड प्रतिनिधि धीरज कुमार ने बताया कि 16 फरवरी को वे तुंबागड़ा में थे। वहीं गहरा धुंआ उठता दिखा। इसके बाद वे कसियाडीह गांव स्थित संजय कुमार के ढाबा के पास पहुंचे और घटना से रूबरू होने के बाद संजय कुमार का प्राथमिक उपचार कराने के बाद उन्हे रांची ले जाने में सहयोग किया था। उन्होंने बताया संजय के ढाबा में हर रोज सैकड़ो लोग भोजन करते थे। उनका असामयिक मौत सभी के लिए काफी पीड़ादायक है। सतबरवा निवासी अनिल सिंह ने बताया कि संजय कुमार काफी मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के थे।
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