
गढ़वा के तीन गांजा तस्करों को सुनाई गई 18-18 वर्ष सश्रम कैद की सजा
पलामू जिला व्यवहार न्यायालय ने गांजा तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को 18-18 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। तीनों अभियुक्तों पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। ये आरोपी झारखंड में गांजा की तस्करी करते पकड़े गए थे।
मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। पलामू जिला व्यवहार न्यायालय के षष्टम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सह एनडीपीएस मामलों के विशेष न्यायाधीश राज कुमार मिश्रा की अदालत ने गांजा तस्करी के एक मामले में तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए 18-18 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को डेढ़-डेढ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। तीनों दोषी, गढ़वा जिले के रहने वाले हैं। नगर ऊंटरी थाना क्षेत्र अंतर्गत पिंडरिया निवासी संजीव पाल, पुरैनी निवासी आशीष कुमार तथा नगर ऊंटरी निवासी राकेश कुमार गुप्ता को 7 जून 2029 को गांजा की तस्करी करते पकड़ा गया था।
अभियोजन के अनुसार 7 जून 2019 को करीब 8 बजे तीनों आरोपी झारखंड में पंजीकृत सफेद पिकअप वैन से गांजा की तस्करी कर रहे थे। गुप्त सूचना मिलने के पर पुलिस की टीम ने मेदिनीनगर सिटी के रेड़मा स्थित भगवती अस्पताल के पास वाहन को रोककर तलाशी ली। इस दौरान वैन से 110 पैकेट गांजा बरामद किया गया, जिसका कुल वजन 112 किलोग्राम था। बरामद गांजा की फोटोग्राफी भी कराई गई। इस मामले में मेदिनीनगर शहर थाना के तत्कालीन यातायात प्रभारी विजय प्रकाश के ब्यान पर 8 जून 2019 को शहर थाना कांड संख्या 201/2019 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने एनडीपीएस केस संख्या 11/2019 में तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।

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