The need to imbibe the message of Pangber Sahab for peace peace and peace - अमन, चैन और शांति के लिए पैंगबर साहब के पैगाम को आत्मसात करने की जरूरत DA Image
21 नबम्बर, 2019|12:41|IST

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अमन, चैन और शांति के लिए पैंगबर साहब के पैगाम को आत्मसात करने की जरूरत

 अमन, चैन और शांति के लिए पैंगबर साहब के पैगाम को आत्मसात करने की जरूरत

मुस्लिम धर्मावलंबियों ने रविवार हर्षोल्लास के साथ ईद मिलादुन्नबी का त्योहार मनाया। सुबह में जुलूस ए मोहम्मदी के बैनर तले मोहम्मदी जुलूस निकाला गया। जुलूस में मौलाना एवं विभिन्न मदरसों के बच्चों के अलावा काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल थे। पहाड़ी मुहल्ला स्थित उर्दू बालिका उच्च विद्यालय के निकट जुलूस निकाला गया। इसमे शामिल लोग अपने हाथों में इस्लामी झंडे के साथ तिरंगा झंडा लेकर चल रहे थे। जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर आदि नारा लगा रहे थे। जुलूस पहाड़ी मुहल्ला से निकल कर मुस्लिम नगर, शास्त्री नगर, शिवाला रोड, धोबी मुहल्ला, जय भवानी संघ चौक, आढ़त रोड, सत्तार सेठ चौक, विष्णु मंदिर रोड, पंच मुहान चौक, जिला स्कूल चौक होते हुए छह मुहान पहुंचा। छहमुहान पर मौलानाओं का तकरीर हुआ। इस दौरान मौलाना महताब आलम नूरी तथा मौलाना वसीम मिसवाही ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर थे। पूरी दुनिया में उनके जन्मदिन को ईद मिलादुन्नबी त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। पैगंबर के रूप में हजरत मोहम्मद साहब के आगमन होने से पूरी दुनिया में खुशी की लहर दौड़ गई थी। पैगंबर मोहम्मद साहब ने इस्लाम धर्म के माध्यम से पूरी दुनिया में अमन, शांति और भाईचारा का पैगाम दिया। आज जरूरत है मोहम्मद साहब के पैगाम को अपनाने की। जुलूस शहर थाना रोड, शहीद भगत सिंह चौक,सतार सेठ चौक, कुंड मुहल्ला होते हुए पहाड़ी पहुंचा। इस अवसर पर डेग फातेहा हुआ और शिरनी बांटा गया। जुलूस में मौलाना अजमेर, हाफिज गुफरान, हाफिज अबरार, हाफिज अब्दुल कुदुस,हाफिज सोहैल, हाफिज अमजद,कारी जसीम, कारी अनीस, जुलूस के मोहम्मदी के मो नजीर शाह,नेहाल अहमद खान, रागिब खान,गुलाम मुस्तफ़ा राईन, वसीम खान, जीशान खान,शमीम अहमद राईन, अल्लाउद्दीन शाह चिराग, सहित काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय लोग शामिल थे।

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