Palamu News: कीचड़ भरी राह से बसना के प्लस टू हाई स्कूल पहुंचते हैं 500 विद्यार्थी
Palamu News: विश्रामपुर के बसना गांव के 500 विद्यार्थियों को बरसात में कीचड़ और जलजमाव से गुजरना पड़ता है। विद्यालय तक की कच्ची सड़क बारिश के बाद बदहाल हो जाती है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की कई बार मांग की है लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

Palamu News: विश्रामपुर, प्रतिनिधि। नावा बाजार प्रखंड के बसना गांव स्थित राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 500 विद्यार्थियों की राह बरसात के दिनों में कीचड़ और जलजमाव से होकर गुजरती है। मुख्य सड़क से विद्यालय तक करीब दो किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क बारिश के बाद बदहाल हो जाती है। छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों को भी विद्यालय पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दिनों में सड़क पर जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ जमा हो जाता है। विद्यार्थियों को इसी रास्ते से होकर प्रतिदिन विद्यालय आना-जाना पड़ता है। कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। विद्यालय की इस समस्या को लेकर शिक्षक एवं अभिभावक कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है。
सड़क निर्माण की मांग
वर्ष 2016 में पंचायत के तत्कालीन मुखिया सुरेश मेहता की पहल पर आमसभा आयोजित कर गांव की 16 आने जमीन पर विद्यालय भवन का निर्माण कराया गया था। विद्यालय तक सड़क पहुंचाने के लिए निजी रैयतों से करीब 700 फीट जमीन पर रास्ते के लिए सहमति पत्र भी लिया गया था। इसके बावजूद विद्यालय तक सुगम आवागमन के लिए सड़क का निर्माण नहीं हो सका। सुरेश मेहता ने बताया कि विद्यालय तक सड़क निर्माण के लिए सांसद एवं विधायक से कई बार संपर्क किया गया। हर बार सड़क निर्माण का आश्वासन मिला, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क सीधे तौर पर बच्चों की शिक्षा से जुड़ी है। सड़क की बदहाली के कारण बरसात के मौसम में विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है और उनके विद्यालय आने-जाने पर भी इसका असर पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से विद्यालय तक जल्द पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को कीचड़ एवं जलजमाव से होकर विद्यालय जाने की मजबूरी से राहत मिल सके।


